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लोग भूल गए तमसा के दर्द को

Tue, 08 Nov 2016 11:18 PM IST
ब्यूररो,अमर उजाला/मऊ
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मड़ईयाघाट पर तमसा नदी में छठ पूजा के बाद जमा कचड़ा और फूलों का मलबा।
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बीते जुलाई माह में चलाए गए निर्मल तमसा अभियान में जिस जोर-खरोश का नगर वासियों ने परिचय दिया और अविरल हुई तमसा को फिर से प्रदूषित करने में जुट गए। हाल यह है कि दुर्गापूजा और छठ पर्व पर इस नदी में भारी मात्रा में कचरा बहाया गया है। साथ ही नदियों, तालाबों, सरोवरों और कुंडों पर भी पूजा के उसके अवशेष को वहीं पर छोड़ देने से गंदगी हो गई है। दूसरी ओर नगर पालिका अलग से नदी के किनारों पर कूड़ा पाट रहा है।  
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अमर उजाला की मुहिम पर समाज के हर तबके के लोगों ने इस पावन पहल में अपना योगदान दिया था। लेकिन तीन ही महीने में लोग संकल्पों को भूल गए। जनता के प्रयास से साफ हुई तमसा का प्रवाह अविरल हो गया था। जिसे देख लोग काफी प्रसन्न भी हुए थे। लेकिन इधर जैसे-जैसे नदी में पानी कम हो रहा है, कूड़ा-कचरा फेंकने का क्रम बढ़ा है। इस क्रम में दुर्गापूजा के बाद सैकड़ों प्रतिमाओं का विसर्जन भी इसी नदी में किया गया। प्रतिमाओं में लगे पआल, लकड़ियां, बांस, केमिकल, रंग, फूल माला, राख आदि सब कुछ नदी में प्रवाहित किए गए। इसमें घरों पर किए गए हवन पूजन के अवशेष भी नदी के हवाले किए गए।

इधर छठ पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने नदी के किनारे वेदियां बनाईं। फूल माला चढ़ा कर पूजा किए, लेकिन कचरा नदी के हवाले कर घर चले गए। इस सब से बढ़कर नगर पालिका का कृत्य काफी दुखद है, चेंबर तो बनाया नहीं शहर का कचरा अवश्य नदी में डालना शुरू कर दिया है।
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जबकि निर्मल तमसा अभियान के दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने नगर पालिका को नदी पर चेंबर बनाने के साथ-साथ, पौधरोपण कराने, घाटो को सुंदरीकरण कराने, पुलों पर जाली लगवाने सहित दस बिंदुओं पर काम करने का निर्देश जारी किया था। ये काम नदी में पानी कम होने पर शुरू होने वाला था। लेकिन नगर पालिका इस काम का भूल कर कूड़ों से भरे ट्रक को रोजाना तमसा नदी के किनारों पर गिराना शुरू कर दिया है। 

 इधर ब्रह्मस्थान स्थित सरोवर का भी कुछ ऐसा ही हाल है। छठ पर्व के समय पूरी तरह साफ-सफाई करके इसमें पूजन किया। लेकिन फूल माला फलों के साथ गंदगी को नदी पर छोड़कर चले आए। इस बाबत सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय का कहना है कि नगरपालिका के ईओ को नदी में कूड़ा फेंकने से मना करने का निर्देश दिया जाएगा। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे नदी में कूड़ा कचरा फेंकने से बाज आएं और नदी की निर्मलता बरकरार रखने में योगदान दें।
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