फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण के लिए भारी खतरा बन सकते हैं बाहर से आने वाले लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ/कोपागंज। देश के विभिन्न प्रदेशों से लौट रहे प्रवासी मजदूरों के होम क्वारंटीन के नाम पर सीधे घर पहुंचने से गांवों में कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ गया है। उनकी न ही कोई जांच हो रही है और न ही उन्हें क्वारंटीन किया जा रहा है। ऐसे लोग गांवों में बेखौफ घूम रहे हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर दहशत है कि इनकी वजह से कहीं इस क्षेत्र में कोरोना के संक्रमण का खतरा न बढ़ जाए। वहीं अगर कोई इन्हें जांच की सलाह दे रहा तो वह उनसे मारपीट के लिए आमादा हो जा रहे हैं।
विज्ञापन

श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों के अलावा इन दिनों में ट्रक, पिकअप, बाइक, पैदल और साइकिल से रोजाना हजारों प्रवासी मजदूर जिले के विभिन्न गांवों में पहुंच रहे हैं। ट्रेनों ,बसों से इतर ट्रकों , पैदल साइकिल अथवा अन्य साधनों से आने वालों का केंद्र बलिया मोड़ बन गया है। इन श्रमिकों को पुलिस ट्रकों, पिकअप टेंपों से उनके घरों को भेजवा रही है। यहां पर इन्हें पीने के पानी के लिए नगरपालिका की ओर से टैंकर भी लगाया गया है। मेडिकल टीम होम क्वारंटाइन कर दे रही है। होम क्वारंटाइन के दौरान उन सभी को घर में ही रहने की हिदायत भी दी जा रही है। इसके बावजूद मजदूर घर में रहने के बजाय खुले में घूमने से बाज नहीं आ रहे हैं। इस कारण स्थानीय निवासियों में काफी दहशत है। हालांकि कुछ लोग थर्मल स्क्रीनिंग के लिए पहुंच भी रहे हैं। लेकिन क्वारंटीन सेंटर भेजे जाने के डर से अधिक श्रमिक सीधे अपने घरों पर चले जा रहे हैं। ऐसे ही लोग खतरा बन रहे हैं। यदि गांव में कोई उन्हें जांच की सलाह दे रहा है तो ये मारपीट पर उतारू हो जा रहे हैं।
15 मई को मुंबई से आरक्षित वाहन से कोपागंज के खुखुंदवा 12 प्रवासी आए। 14 मई को सूरत और मुंबई से लाडनपुर ग्राम सभा में 13 लोग आए । 12 मई को फर्रुखाबाद से लौटे एकौना चौबेपुर के तीन प्रवासी मजदूर आए। ये कुछ बानगी भर है। कोई भी ऐसा गांव नहीं हैं, जहां लोग बाहर से न लौटे हों, लेकिन इनमें शायद ही कोई होम क्वारंटीन हो। इससे लोगों में भय है। खुखुंदवा गांव के निवासियों ने गांव में बाहरियों के आने की सूचना शनिवार को बीडीओ कुलदीप कुमार को दी। मौके पर पहुंचे बीडीओ ने हिदायत देते हुए कहा कि कोई भी घूमते हुए मिला तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसी ही स्थिति जनपद के लगभग सभी गांवों की है।
विज्ञापन

खुखंदवा गांव के रमेश ,दिनेश सुखलाल राजू आदि का कहना है की बाहर से आने वालों को होम क्वारंटाइन की सलाह न देकर सभी को क्वारंटीन सेंटर भेजा जाए। इस बाबत सीएमओ डा. एससी सिंह का कहना है कि सभी सीएचसी, पीएचसी प्रभारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में बाहर से आने वालों की जानकारी रखें , सूची बनाएं, उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कराएं और जरूरत पड़ने पर क्वारंटीन सेंटर अथवा होम क्वारंटीन कराएं। ऐसा न करने वालों के विरुद्ध विधि संगत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें