मऊ। राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर शनिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में कार्यक्रम का आयोजन कर डेंगू से बचाव पर परिचर्चा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएमओ ने कहा कि कोविड-19 की तरह डेंगू भी एक गंभीर बीमारी है, हर साल इसकी चपेट में आने से लाखों लोग मर जाते हैं, इस बीमारी से बचाव के लिए अभी तक कोई भी वैक्सीन नहीं बनाई जा सकी है। कुछ सरल उपायों और जागरूकता से इस बीमारी से बचा जा सकता है।
बोले हर वर्ष चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की तरफ से डेंगू दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े किसी भी दिवस को मनाने के पीछे का एक ही उद्देश्य है, उस बीमारी को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा करना। सीएमओ ने बताया कि भारत में डेंगू का समय मॉनसून के समय शुरु होती है। यही समय है जब लोग इस बीमारी से ज्यादा ग्रसित होते हैं। मॉनसून के साथ डेंगू के मच्छरों के पनपने का मौसम भी शुरू होता है।
सीएमओ ने बताया कि डेंगू बीमारी का लक्षण तेज बुखार, सिरदर्द और पीठ में दर्द से सामने आता है। शुरू के 3 से 4 घंटों तक जोड़ों में भी बहुत दर्द होता है। आंखें लाल हो जाती हैं। डेंगू बुखार 2 से 4 दिन तक रहता है और फिर धीरे धीरे तापमान सामान्य हो जाता है। इस दरम्यान शरीर में खून की कमी होने लगती है। बोले आने के साथ ही मरीज को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। सीएमओ ने बताया कि जिले के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और सभी सरकारी अस्पतालों में डेगू की नि:शुल्क जाँच, इलाज और दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध है।