शाहगंज से बलिया जा रही पैसेंजर ट्रेन के एक कोच में एक महिला के साथ दो साल की बच्ची के साथ यात्रा कर रही थी। इस दौरान बच्ची के रोने पर सह यात्रियों ने महिला को बच्चा चोर समझ लिया। जब ट्रेन मऊ जंक्शन पर पहुंची तो लोग ने महिला को पकड़ कर आरपीएफ पोस्ट ले गए। जहां जांच पड़ताल के बाद महिसा बच्चे की मौसी निकली। बच्ची के माता पिता के आने के बाद पुलिस ने बच्ची को उनके हवाले करते हुए महिला को छोड़ दिया।
हुआं यू कि शाहगंज से बलिया जा रही पैसेंजर गाड़ी से शनिवार को मुहम्मदाबाद रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति ने अपने दो वर्षीय बच्ची को अपनी रिश्तेदार महिला को उसके साथ ले जाने के लिए सौंपा।
इस दौरान बच्ची अपने पिता को न पाकर रोने लगी। महिला के काफी प्रयास के बाद बच्ची चुप नहीं हो रही थी। महिला उसे अपने गोद में लेकर अपनी सीट से उठकर उसे चुप कराने के लिए इधर उधर टहलने लगी। इस दौरान कुछ यात्रियों ने महिला को बच्चा चोर समझ लिया। मऊ में ट्रेन के रुकने पर उसे पकड़कर प्लेटफार्म 3 स्थित आरपीएफ पोस्ट ले आए।
जहां आरपीएफ प्रभारी डीके राय ने महिला से पूछताछ की। जहां महिला की शिनाख्त बलिया जिले के चिलकहर निवासी मूर्ती और बच्ची का नाम अनीता के रूप में हुई। महिला रिश्ते में बच्ची की मौसी है। जो उसे अपने साथ घर लेकर जा रही थी। जहां बच्चे को रोता देखकर यात्रियों ने उसे बच्चा चोर समझ लिया। हालांकि बाद महिला द्वारा बच्ची के परिजनों को सूचना दी गई। जिसके बाद बच्ची को उसके परिजनों को सुपुर्द करते हुए महिला को छोड़ दिया गया।