रतनपुरा ब्लाक के एक युवक ने कोरोना जांच कराते समय गलत पता दर्ज करा दिया था। सोमवार को जब उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो स्वास्थ्य विभाग के लोग दर्ज पते पर पहुंचे। पता चला कि युवक इस गांव का नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पांच घंटे तक तलाश की तो पता चला कि युवक दूसरे गांव का है।
रतनपुरा सीएचसी प्रभारी डॉ. हंसराज सोनी ने बताया कि चार दिन पूर्व नसीराबाद निवासी युवक ने सीएचसी में आरआरटी टीम को आरटीपीसीआर के लिए सैंपल दिया था। सैंपल देने के दौरान नसीराबाद गांव के जगह युवक पता में रतनपुरा गांव अंकित कराया था। सोमवार की सुबह करीब दस बजे युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर जब टीम रतनपुरा गांव पहुंची तो वहां पता चला कि संबंधित नाम का कोई मरीज नहीं है। बताया कि रतनपुरा की निगरानी समिति का सदस्य तथा सफाई कर्मचारी उमेश कुमार ने मरीज के मोबाइल पर लगातार फोन मिलाते रहे। वहीं अन्य टीम आस पास के दूसरे गांवों में संबंधित मरीज को ट्रैस करने का प्रयास करती रही। शाम करीब चार बजे मरीज का फोन उठने पर उसके नसीराबाद निवासी होने की जानकारी मिली। टीम ने उसे होम आईसोलेशन करते हुए दवा की किट दी।