मऊ/ बढुआ गोदाम। परदहां ब्लाक में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालय विभागीय खेल को उजागर कर रहा है। इसका परिणाम है कि आधे-अधूरे शौचालय कागजातों में पूर्ण दिखाए गए हैं। इतना ही नहीं इन शौचालयों का भौतिक सत्यापन भी करा दिया गया है। बात करने पर लाभार्थी प्रधान पर आधा-अधूरा शौचालय निर्माण कराने का आरोप लगाते रहें। साथ ही बोले कि इस संबंध में शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। आज भी कहीं शौचायल अधूरे हैं, तो कहीं छत विहीन हैं। कहीं सीट नहीं लगाई गई है। अफसरों के दबाव पर बिना शौचालयों के पूर्ण कराए बिना ही आनन-फानन में ओडीएफ घोषित कर दिए गए।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत विकास खंड परदहां क्षेत्र के 51 गांवों में 2017 से 2019 तक 6 हजार 249 शौचालयों का निर्माण कराने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए 7 करोड़ 49 लाख 88 हजार रुपये आवंटित किया गया। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते इन शौचालयों के निर्माण में मानक का ध्यान नहीं रखा गया। अभी तक क्षेत्र के 51 ग्राम पंचायतों में सिर्फ पंद्रह ग्राम पंचायतों को ही ओडीएफ घोषित किया जा सका है। वह भी अधिकारियों के दबाव में बिना शौचालय निर्माण कराए ही गांवों को खुले में शौच मुक्त घोषित कर दिया गया है। बहुत से ग्राम पंचायतों में पहले बने शौचालयों पर भुगतान करा दिया गया है। शौचालय के निर्माण में भी कमीशनबाजी का खेल भी खूब चला। लाभार्थियों से भुगतान के नाम पर रुपये वसूलने के आरोप लगते रहे। शिकायतें आई हैं कि शौचालय निर्माण में विभागीय कर्मचारियों द्वारा शासन के नियमों की धजिज्यां उड़ाई गई हैं। कुछ ऐसे भी मामले हैं कि जिनमें एक ही परिवार में कई लोगों को योजना का लाभ दिया गया है। इस बाबत एडीओ पंचायत अधिकारी रविंद्र यादव ने बताया कि शौचालय के निर्माण में अनियमितता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शौचालय निर्माण में गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इन लोगों ने की शिकायतें:
बढुआ गोदाम। स्वच्छ भारत मिशन के परदहां ब्लाक क्षेत्र के नसीरपुर गांव के मुसहर बस्ती के लाभार्थियों में उदई, तिजीया, सत्यदेव, संजय, बबलू, हरिलाल ने बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा हमारा शौचालय बनाया गया था, लेकिन अभी भी किसी के शौचालय में सीट नहीं तो किसी कि छत नहीं तो किसी की दीवारें ही फट गई हैं। इस गांव के सरकारी नौकरी करने वाले सात लोगों सहित 21 अपात्रों को शौचालय दिए जाने की पुष्टि हुई। इनसे धन की वसूली किए जाने के निर्देश तत्कालीन बीडीओ रविंद्र तिवारी ने दिए थे लेकिन उस आदेश का अनुपालन नहीं किया जा सका। बहरीपुर गांव में भी अनियमितताओं की कई शिकायतें की गई थीं। मुसहर बस्ती में दो बार तत्कालीन डीएम प्रकाश बिंदु का कार्यक्रम भी लग चुका है, लेकिन अभी भी शौचालय अधूरे पडे़ हैं। ब्लाक क्षेत्र के दूसरे गांव इमिलियाडीह, रकौली, हरपुर, परदहां, सलाहाबाद, मुंगेसर सहित अन्य गांवों में बने शौचालयों में गड़बड़ी और भारी अनियमितता की गई हैं।