मऊ। जिले में धान खरीद समय सीमा खत्म होने में 40 दिन ही शेष रह गए हैं। लेकिन किसानों से खरीदे गए धान का उठान न होने से अधिकांश क्रय केंद्रों पर धान खरीद ठप चल रही है। धान खराब होने की चिंता किसानों को सताने लगी है। धान क्रय केंद्र बंद होने से आढ़तियों की खूब चांदी कट रही है। वह किसानों की फसल को औने पौने दाम में खरीद रहे हैं। अधिकांश धान क्रय केंद्रों पर सन्नाटा की स्थिति रह रही है। अब तक 5627 किसानों से 27198 एमटी धान खरीद हो सकी है। सब कुछ जानकर आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
किसानों को धान की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में 46 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसमें पीसीएफ के 32, एफसीआई के दो तथा विपणन के 12 केंद्र शामिल है। एक नवंबर से 28 फरवरी के बीच होने वाली खरीद के लिए जिले को 41200 एमटी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन खरीद समय सीमा में डेढ़ माह से भी कम समय रह गया है। लेकिन अभी तक 5627 किसानों से 27198 एमटी धान खरीद हो सकी है। इस समय गेहूं की फसल में यूरिया का छिड़काव करना है। लेकिन खरीदारी ठप होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है।
किसानों की मानें तो क्रय केंद्र प्रभारी कभी धान में नमी होना बताकर तो कभी बोरा न होना तो कभी उठान न होना बताकर बैरंग लौटा दे रहे हैं। इस संबंध में किसान नेता राकेश सिंह, किसान नेता देवप्रकाश राय का कहना था कि विभागीय उदासीनता से धान खरीद का लाभ किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों को धान खरीदने मेें तमाम पेंच फंसाया जा रहा है।वहीं आढ़तिया किसानों का कागजात लेकर क्रय केंद्रों पर बेच दे रहे हैं। मामले की जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बोरा न होने से पांच दिनों से ठप है धान खरीद
रानीपुर। ब्लाक क्षेत्र के धर्मसीपुर क्रय केंद्र पर पांच दिनों से बोरा नहीं होने से धान खरीद ठप है। यहां 155 किसानों का टोकन लगा है जिसमे 30 किसानों से 1514 क्विंटल 20 किग्रा की खरीदारी हुई है।वहीं खुरहट डीसीएफ पर गोदाम भरा होने के कारण सोमवार से धान खरीद बंद है।खुरहट डीसीएफ पर 115 किसानों से 6120 क्विंटल की धान की खरीद हुई है।
बोरा के अभाव में ठप है धान खरीद
इंदारा। क्षेत्र के साधन सहकारी समिति इंदारा कसारा स्थित धान क्रय केंद्र पर बोरे के अभाव में धान खरीद ठप चल रही है। धान खरीद बंद चलने से किसानों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। किसानों की शिकायत के बाद भी धान खरीद शुरू नहीं हो सकी है।