सूखा के चलते बर्बाद हुई धान की फसल के लिये सरकार द्वारा बांटी जा रही राहत राशि समाप्त होने के बाद अब राहत राशि पाने को लेकर सैकडों किसान तहसील का चक्कर लगा रहे हैं। तहसीलदार अनिल यादव ने कुछ दिनों के अंदर और धनराशि मिलने के बाद राहत राशि पाने से वंचित सभी किसानों को सूखा राहत राशि दिये जाने की बात कही है।
धान की फसल की बर्बादी को लेकर शासन द्वारा किसानों को बांटी जा रही राहत राशि समाप्त होने के बाद तहसील पर सन्नाटा पसरा है। हालांकि अभी भी तहसील क्षेत्र के हजारों किसान राहत राशि पाने से वंचित रह गये है। बता दें कि सूखा राहत के लिये मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में शासन द्वारा पहले चरण में 11 करोड़ 92 लाख रूपये की धनराशि आवंटित हुई थी। लगभग एक महीने तक तहसील पर किसानों की भीड़ थी। इस बीच मंगलवार को आवंटित धनराशि की आखिरी किश्त का भुगतान कर दिये जाने के बाद अब काउंटर बंद कर दिया गया है। इस बीच बुधवार को तहसील पर जुटे सैकडों किसान खतौनी, पासबुक व पहचान पत्र लेकर परेशान घूम रहे थे लेकिन अब लेखपालों ने भी उनका आवेदन पत्र लेना बंद कर दिया गया है।
बुधवार को राहत राशि पाने की उम्मीद में तहसील का चक्कर लगा रहे चालीसंवा गांव के रामनाथ, पचिस्ता गांव निवासी शम्भू सिंह, काझाखुर्द के बाबूराम, खानपुर के सोचन आदि का कहना है कि पूर्व में आवेदन किये जाने के बाद भी अभी तक खाते में धनराशि नहीं आयी है। एसडीएम रामदुलारे पांडेय ने बताया कि भी 10 करोड़ रूपये की मांग की गयी है। जल्द ही धनराशि मिलने के बाद तहसील क्षेत्र के समस्त किसानों को भुगतान किया जायेगा।