रानीपुर गाँव में कोरोना जाँच के लिए सैम्पल देते लोग।
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मुहम्मदाबाद गोहना। कोरोना संक्रमण के रोकथाम को लेकर निगरानी समिति जहां बेपरवाह बनी हुई हैं, वहीं लोग भी लापरवाही बरत रहे हैं। वहीं प्रशासन भी सब कुछ जानते हुए भी मौन है। निगरानी समिति की लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के सद्दोपुर गांव में दिखा जहां मुंबई से लौटे 25 सदस्यीय परिवार में दस लोग संक्रमित मिले। कांटैक्ट ट्रेनिंग के तहत जांच करने जब स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची तो परिवार के अन्य सदस्यों में अधिकांश लापता थे।
मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के सद्दोपुर निवासी एक महिला की तबियत खराब होने पर परिवार के छह सदस्य महिला को बीते मंगलवार की देर शाम आजमगढ़ स्थित एक निजी अस्पताल लेकर गए थे। अस्पताल प्रबंधन ने मरीज और उसके परिवार की ट्रैवल हिस्ट्री मुंबई की जानकारी होने पर पहले कोविड-19 जांच कराने को कहा। इसके बाद महिला मरीज और उसके परिवार के छह लोगों ने एंटीजेन टेस्ट कराया। इसमें सभी की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। एक साथ ही परिवार के सात लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर आजमगढ़ प्रशासन ने इसकी सूचना बुधवार को जिला प्रशासन को दी। इसके बाद बुधवार को मुहम्मदाबाद गोहना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने शब्दोपुर गांव पहुंचकर एंटीजेन टेस्ट किया। इसमें परिवार के तीन सदस्य पॉजिटिव मिले। इस परिवार के अन्य सदस्य मंगलवार को अपने सगे-संबंधियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद गांव से बाहर चले गए। जबकि परिवार के दूसरे सदस्यों की जांच हो तो और भी कोरोना संक्रमित मरीज मिलने की संभावना प्रबल हैं। यह परिवार बीते 18 जुलाई को मुंबई से लौटा था। परिवार के एक सदस्य ने एक बाजार में गैराज भी खोला। चौंकाने वाली बात हैं कि मुंबई से लौटने के बाद जहां परिवार के सदस्यों को होम क्वारंटीन होने जरूरत थी, वो गांव और बाजार घूमते रहे। परिवार के सदस्यों के साथ गांव की निगरानी समिति के सदस्य भी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार हैं। गैर राज्यों से लौटने और सैंपल देने के बाद होम क्वारंटीन रहने के लिए प्रति लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी निगरानी समिति की हैं।