ओपीडी में मरीजों की भीड़, डाक्टर नदारद
बजे के बाद भी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीएन राय की ओपीडी नहीं खुली थी। मरीज परेशान थे भीड़ बढ़ती जा रही थी। जब सीएमएस डॉ. एके पांडेय के कक्ष की तरफ बढ़ने पर, वहां भी ताला लगा था।11:30 बजे के करीब सीएमएस से उनकी मोबाइल पर संपर्क कर उन्हें ओपीडी की दशा के साथ उनके चेंबर में ताला लटकने की बात कही गई। जिला अस्पताल में आज भी मैनुअल ही पर्चा बनाया जाता है। जिला अस्पताल में दो अल्ट्रासाउंड लगाया गया है, इसमें से एक काफी समय से खराब पड़ा है।
अस्पताल में प्रतिदिन लगभग एक हजार मरीजों की ओपीडी होती है। बताते चले महिला अस्पताल अलग है। यहां सिर्फ पुरुषों के साथ बच्चों के उपचार की व्यवस्था है। इमरजेंसी कक्ष में सुबह के समय कोई डाक्टर उपलब्ध नहीं होता।गाजीपुर के निवासी डा. एके पांडेय जिला अस्पताल के सीएमएस है, अस्पताल कर्मचारियों की माने तो सीएमएस साहब खुद ही प्रतिदिन घर से आ-जाकर नौकरी करते हैं।
लोगों का कहना है कि इसी वजह से अक्सर वे देर से आते हैं, जिसकी वजह से अस्पताल की व्यवस्था पर असर पड़ता है, जबकि खुद सीएमएस इससे साफ इंकार करते हैं, उनका कहना है कि वे समय से आते हैं और व्यवस्था बिल्कुल ठीक है। अगर कोई गड़बड़ी होगी तो उसे दूर कर ली जाएगी।