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केवल खास मौके पर ही महापुरूषों की प्रतिमा स्थलों की होती हैं सफाई.......

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मऊ। महापुरुषों के प्रति सम्मान देने के साथ उनके देश के प्रति प्रेम जगाने के उद्देश्य से नगर सहित जिले में अधिकांश चौराहों पर लगी प्रतिमाएं आज उपेक्षा का शिकार है। हालात यह है कि हर प्रतिमा स्थलों पर धूल, गंदगी के साथ दूसरी अव्यवस्था का आलम पसरा हुआ है। ऐसा नहीं है कि जिले के जिम्मेदारों को इसकी भनक नहीं है, बल्कि इन मार्गों से रोजाना इनका काफिला गुजरता है। लेकिन इन चौराहों पर लगे महापुरुषों की सुध केवल खास मौके पर आती है। अमर उजाला द्वारा जिले में तीन जगहों पर स्थापित ऐसे ही महापुरूषों की प्रतिमा स्थलों पर साफ सफाई व्यवस्था जानने का प्रयास किया।
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यह कहना गलत नहीं होगा कि लोग सिर्फ तिथियों को ही महापुरूषों को याद कर उनकी प्रतिमाओं की सफाई करते है। नगर के रोडवेज के पास स्थापित जिले के प्रथम सांसद तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. अलगू राय शास्त्री की प्रतिमा स्थापित है। हालात है कि यहां सफाई केवल खास मौके पर होता है। इतना हीं नहीं उदासीनता के चलते यह स्थल अतिक्रमण की जद में भी है। प्रतिमा स्थल को बड़े ध्यान से देखने पर उसके अस्तित्व के बारे में जानकारी हो पाती है, क्योंकि प्रतिमा स्थल के सामनेे अस्थाई अतिक्रमण रहता है।
वहीं गाजीपुर तिराहा पर पं. दीनदयाल उपाध्याय की आदमकद प्रतिमा बनी है। इस प्रतिमा पर कई दिनों से सफाई न होने से धूल जमीं पड़ी हुई हैं।यहीं स्थिति घोसी तहसील के मझवारा मोड़ स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा स्थल का है। प्रतिमा की नियमित सफाई न होने से धूल से प्रतिमा पटी पड़ी है। सकारात्मक बात है कि वर्तमान में इस प्रतिमा स्थल से प्रचार सामग्री केे हटा दिया गया है, इससे पहले यह प्रतिमा स्थल अलग अलग जनप्रतिनिधियों के प्रचार सामग्री का एक उपयुक्त स्थान बना हुआ था।
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