मऊ। बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए केंद्र सरकार कौशल विकास मिशन योजना चला रही है। इसके तहत बीते दो वर्षों में 4440 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से 994 लोगों को रोजगार भी मिल गया है। हालांकि इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते रोजगार मेला का आयोजन कम हुआ जिसके चलते रोजगार की उपलब्धता बीते दो वर्षों के सापेक्ष बेहद कम रही।
बताते चलें कि 16 से 35 वर्ष के युवाओं को रोजगार तथा आत्मनिर्भर के लिए कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण दिया जाता है। हर वर्ष प्रशिक्षणार्थियों की संख्या की एक लक्ष्य भी निर्धारित किया जाता है। वर्ष 2019-20 में 1629 लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। लेकिन कोविड-19 को देखते हुए समस्त प्रशिक्षण कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। अब पुन: 2020-21 में इसी लक्ष्य को पूर्ण किया जाएगा। लेकिन
बीते दो वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो उप्र कौशल विकास मिशन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2017-18 में 1800 लोगों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके सापेक्ष 2052 लाभार्थियों को आईसीटी, इलेक्ट्रिकल, सिक्योरिटी, गारमेंट मेकिंग, ब्यूटी कल्चर, मेडिकल एंड नर्सिंग सेक्टर में प्रशिक्षित किया गया। विभिन्न रोजगार मेला में 227 लाभार्थियों को रोजगार भी दिया गया। इसी क्रम में 2018-19 में 2149 लोगों के प्रशिक्षित करने के लक्ष्य के सापेक्ष 2388 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें से रोजगार मेला में 767 लाभार्थियों को रोजगार मिला। राजकीय आईटीआई के प्राचार्य भूपेंद्र पाल का कहना कि लक्ष्य के सापेक्ष ज्यादा लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद रोजगार मेला का आयोजन कर इन्हें रोजगार मुहैया कराने का प्रयास किया जाता है।