नगर क्षेत्र के अलीनगर प्राथमिक स्कूल के निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से पूछताछ करते डीएम ऋषिरेंद्र कुमार।
जिलाधिकारी ने सोमवार को कोपागंज के कई प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की वास्तविकता का सच जानने निकले। प्राथमिक विद्यालय खालिस पुर में 95 बच्चों का नामांकन है, लेकिन सिर्फ दस छात्र ही सकूल आए थे। प्रधानाध्यापिका अनुपस्थित मिलीं। अली नगर के प्राथमिक विद्यालय में नामांकित 230 छात्रों के सापेक्ष महज 88 छात्र और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 157 के सापेक्ष 40 छात्र मौजूद मिले। आठवीं कक्षा के छात्र भूगोल , हिंदी और पर्यावरण के बारे में आसान सवालों के जवाब भी नहीं दे सके। डीएम ने इस पर काफी नाराजगी जताया। डीएम ने बीएसए , एबीएसए और प्रधानाध्यापिका से स्पष्टीकरण मांगा है।
जिलाधिकारी सबसे पहले 12.10 बजे कोपागंज ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय खालिसपुर पहुंचे। इस विद्यालय पर 95 बच्चों का नामांकन है लेकिन स्कूल में मात्र 10 बच्चे ही उपस्थित मिले। यहां सहायक अध्यापक सुधा जायसवाल विना प्रार्थना पत्र स्वीकृत कराए ही अनुपस्थित मिली। यहां एमडीएम रजिस्टर पर उपस्थिति दर्ज नहीं की गयी थी। यहां 95 बच्चों का नामांकन है लेकिन 6 अध्यापकों की वहां तैनाती है। इसके बाद डीएम प्राथमिक विद्यालय अलीनगर पहुंचे। वहां पर 230 नामांकन पाया, लेकिन इसके सापेक्ष 88 बच्चे उपस्थित मिले। यहां 6 अध्यापक उपस्थित मिले।
इसी प्रकार उच्च प्राथमिक विद्यालय अलीनगर में 157 बच्चों का नामांकन पाया, लेकिन केवल 40 छात्र ही मौजूद रहे। यहां पर आठ शिक्षक तैनात हैं। अलीनगर उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के क्लास में पर्यावरण पढ़ाया जा रहा था। डीएम ने पर्यावरण के बारे में बच्चों से पूछा गया तो कोई बच्चा जवाब नहीं दे पाया ।इसी प्रकार कक्षा आठ के बच्चों से हिंदी एवं भूगोल के बारे में पूछे जाने पर कोई जवाब नहीं दे पाया। जिलाधिकारी ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा खंड शिक्षा अधिकारी कोपागंज एवं प्रधानाध्यापक खालिसपुर की प्रधानाध्यापिका ऊषा राय तथा सहायक अध्यापक सुधा जायसवाल का स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया। डीएम ने इसके साथ ही इन सभी का वेतन रोकने का निर्देश भी दिया। संयुक्त मजिस्ट्रेट कुमार हर्ष एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को स्कूलों में गुणवत्ता पूर्वक पढ़ाई सुनिश्चित कराने की हिदायत दी। डीएम ने बीएसए को सख्त निर्देश दिया कि विद्यालयों में प्रतिदिन भ्रमण करें एवं गुणवत्तापर्ण शिक्षण कार्य सुनिश्चित कराएं।