भीषण गर्मी के मौसम में शारदा सहायक खंड-32 मुख्य नहर में मात्र एक फीट पानी छोड़ा गया है। इससे किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। सिंचाई विभाग की ओर से नहर में छोड़ा गया पानी तली में होने के कारण किसान उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
हालत यह है कि किसान धान की नर्सरी के लिए खेत की तैयारी तक नहीं कर पाए हैं। सिंचाई के अभाव में गर्मी में बोई गई सब्जियों की फसल भी सूख रही है।
शारदा सहायक खंड-32 मुख्य नहर क्षेत्र के सियरही, मानिकपुर, शाहपुर, पनइल, बिहटा, कुसुम्हा, बशारतपुर सहित विभिन्न इलाकों से होकर गुजरती है। धान की नर्सरी डालने का समय चल रहा है, लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से शारदा सहायक खंड-32 मुख्य नहर में मात्र एक फीट ही पानी छोड़ा गया है।
नहर की तली में पानी होने से किसान सिंचाई के लिए इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। मुख्य नहर में पर्याप्त पानी न होने से गोठा माइनर और अमिला माइनर में भी सूखी स्थिति बनी हुई है। खेती भगवान भरोसे चल रही है।
नहर में पर्याप्त पानी न आने से आसपास के इलाकों के हैंडपंप भी पानी छोड़ रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्र के श्री प्रकाश राय, जय प्रकाश राय, अनिल उपाध्याय, बृजभूषण शरण सिंह और उपेंद्र का कहना था कि शारदा सहायक खंड-32 नहर के लिए किसानों ने जमीन दी, लेकिन नहर में पानी न आने से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र भी दिया गया, लेकिन नहर में पर्याप्त पानी छोड़ने की पहल नहीं की गई। इस बाबत शारदा सहायक खंड-32 के सहायक अभियंता शिवशंकर का कहना है कि नदी में पानी कम है। पंप कैनाल से 10 जून से पानी छोड़ा जाएगा।