बढ़ुआगोदाम (मऊ)। बदमाशों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग में मारे गए प्रधानपति का शव पोस्टमार्टम के बाद दूसरे दिन शनिवार की सुबह परिवार वालों को सौंपा गया। मृतक का पोस्टमार्टम शुक्रवार की ही शाम को हो गया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को लाश घर में रख दिया था। शनिवार की सुबह शव को लेकर परिजन घर लाए और फिर वहां से गाजीपुर गंगा के किनारे श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। वृद्ध पिता ने कांपते हाथों से जवान बेटे की चिता को मुखाग्नि दी। चिता को मुखाग्नि देते समय माहौल काफी गमगीन था।
बढ़ुआगोदाम के दो बार प्रधान रह चुके और वर्तमान में प्रधानपति शैलेंद्र यादव (38) की हत्यारों ने शुक्रवार की सुबह साढे़ दस बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर लाशघर में रखवा दिया। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम शाम को कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिवार वालों को शव नहीं दिया। पुलिस को आशंका थी कि शव इसी समय परिवार वालों को सौंप देने से आक्रोशित गांव वाले सड़क जाम करके विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। संभवत: इसी आशंका से पुलिस ने शव को तत्काल परिवार वालों को नहीं दिया।
शनिवार की सुबह शव को परिजन गाजीपुर श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया। इधर शनिवार को पूरे दिन प्रधान प्रतिनिधि के घर पर मातम छाया रहा। पूरी बस्ती में सभी के घरों में चूल्हे नहीं जले। प्रधानपति निधि के घर आने वालों का दिनभर तांता लगा रहा। पूर्व प्रधान के घर पर भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी। प्रधान प्रतिनिधि की मां राधिका तो जवान बेटे की हत्या से मानो बावली सी हो गई थी। उधर प्रधान हेवंती यादव ने अन्न का एक भी टुकड़ा कल से ही मुंह में नहीं डाला था।
उधर, राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन ने बढ़ुआगोदाम के पूर्व प्रधान और प्रधानपति शैलेंद्र यादव की निर्मम हत्या पर आक्रोश जताया है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र राय ने कहा है कि दिन दहाड़े घर के पास जिस दुस्साहसिक तरीके से हत्यारों ने प्रधान प्रतिनिधि को दौड़ाकर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी, वह जनपद की कानून व्यवस्था को खुली चुनौती है।
जिलाध्यक्ष विवेकानंद यादव ने कहा है कि जिस तरीके से प्रधान प्रतिनिधि की हत्या की गई, वह एक पूर्व नियोजित तरीके से की गई लगती है। संगठन के जिला मंत्री रमेश यादव ने कहा कि जनप्रतिनिधि की हत्या की साजिश कई दिनों से रची जा रही होगी, लेकिन हत्यारों की साजिश की भनक पुलिस को नहीं लग सकी। दिन दहाड़े हत्यारों ने युवा प्रधान प्रतिनिधि की हत्या कर कानून व्यवस्था को चुनौती दे डाली। जिला उपाध्यक्ष श्रीधर राय ने कहा कि पुलिस प्रशासन ग्राम प्रधानों और उनके परिवार वालों को सुरक्षा दे पाने में विफल है। इस दौरान जिला महासचिव राम भवन राम, परदहां ब्लाक अध्यक्ष प्रद्युम्न राय, नरसिंह सिंह, राजेश यादव, अश्वनी सिंह ,चंद्रभूषण यादव, हरिकेश यादव सहित सभी ब्लाकों अध्यक्ष सहित पदाधिकारियों ने हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।