मऊ। न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका नेहल के आदेश पर रानीपुर थाने में जालसाजी कर 70 लोगों का चार लाख रूपया हड़पने के मामले में पांच लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। मामले के अनुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में सरायलखंसी थाना क्षेत्र के ओन्हाइच गांव निवासी बलवंत खरवार पुत्र नंदू खरवार ने धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र दिया। इसमें मिथिलेश दूबे उर्फ प्रिंस, बृजेश दूबे, आनंद दूबे, सुमन दूबे और सोनू मिश्रा को आरोपी बनाया। वादी का कथन है कि आरोपीगण ने उसे आनंद दुबे से मिलवाया जो अपने को हेमंक पिनको इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर बताया । कहा कि मुझे फतेहपुर ग्राम में बैंक की एक शाखा खोली है।
आरोप है कि आवेदक को उक्त बैंक मे धन संग्रह कैशियर के पद पर नियुक्त किया। वादी 70 लोगों का चार लाख रूपया जमा कराया। वादी को 5 दिसंबर को सूचना मिली कि कंपनी फर्जी है ,तथा ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करके फरार हो चुके हैं। जिस पर वादी कार्यालय पहुंचा तो कार्यालय बंद मिला। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आवेदक के अधिवक्ता नवीन कुमार दूबे के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद थानाध्यक्ष रानीपुर को मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। जिस पर रानीपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दिया है।