जिले में फोरलेन पर अनधिकृत रूप से खड़े होने वाले भारी वाहन आम जनता के लिए काल साबित हो रहे हैं। जनवरी से मई तक अवैध पार्किंग और अन्य वजहों से 133 सड़क हादसों में 80 लोगों की जान जा चुकी है।
इन घटनाओं में मरने वालों में 80 फीसदी युवा वर्ग के हैं। उधर, फोरलेन पर बड़े हादसे घोसी सर्किल क्षेत्र में सबसे अधिक होने के बावजूद यहां की पुलिस सक्रिय नहीं हुई है।
इसका परिणाम यह है कि दोहरीघाट से लेकर कोपागंज तक फोरलेन किनारे बड़े वाहनों की अवैध पार्किंग कभी भी सज जाती है। बड़े हादसों पर नजर डालें तो सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों से टकराकर कई युवाओं की जान गई है।
सोमवार को टीम ने पड़ताल की तो घोसी कोतवाली क्षेत्र के पकड़ी मोड़ के पास फोरलेन पर बड़ी संख्या में डंपर और ट्रेलर खड़े मिले। वहीं, सरायलंखसी थाना क्षेत्र के बढुआ गोदाम फोरलेन तथा कोपागंज थाने के सामने पुराने बाइपास पर सड़क किनारे जब्त गाड़ियां भी खड़ी मिलीं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो फोरलेन और राज्य राजमार्ग-34 की कुल लंबाई करीब 100 किलोमीटर है। बढुआ गोदाम से लेकर दोहरीघाट तक बना फोरलेन निर्माण के बाद भी सुगम आवागमन का साधन नहीं बन सका है। करीब 50 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन पर आए दिन हादसे हो रहे हैं।
हादसों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सात जून, 2026 को दोहरीघाट थाना क्षेत्र के गोठा गांव के पास फोरलेन पर अनियंत्रित ट्रेलर ने आगे खड़े ट्रेलर में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीछे वाले ट्रेलर का केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके मलबे में फंसकर चालक सैफ अली (26) की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला था। ऐसी ही घटना 25 मार्च, 2024 को कोपागंज के काछीकला फोरलेन के पास हुई थी। घटना के समय अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से जा टकराया। हादसे के समय ट्रक चालक सो रहा था, जबकि खलासी ट्रक चला रहा था।
हादसे में खलासी की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इसी तरह चार जून, 2023 को सिद्धार्थनगर जिले के मदनपुर निवासी मुकेश त्रिपाठी (41) पुत्र प्रेमनारायण वाराणसी से ट्रेलर पर बालू लादकर गोरखपुर के लिए निकले थे।
रविवार की भोर करीब चार बजे वह घोसी कोतवाली क्षेत्र के घोसी-नदवासराय स्थित फोरलेन के पास बने अंडरपास के समीप पहुंचे थे। झपकी आने और तेज रफ्तार के कारण चालक ट्रेलर पर नियंत्रण नहीं रख सका और सामने खड़े ट्रक से टकरा गया।
इस भीषण भिड़ंत में ट्रेलर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची घोसी पुलिस ने क्षतिग्रस्त मलबे से चालक और परिचालक को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने चालक को मृत घोषित कर दिया था।
कुलपति की मौत के बाद चला था अभियान, फिर कार्रवाई ठंडे बस्ते में
23 अगस्त, 2025 को दोहरीघाट थाना क्षेत्र के बसारथपुर के पास सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से एक इनोवा कार टकरा गई थी। हादसे में कार चला रहे वाइस चांसलर, नागपुर और उनकी पत्नी की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस हादसे के बाद पुलिस-प्रशासन ने फोरलेन किनारे खड़े वाहनों को हटाने के लिए अभियान चलाया था, लेकिन अन्य अभियानों की तरह यह अभियान भी करीब एक माह बाद ठंडा पड़ गया। वर्तमान में रोजाना फोरलेन से पुलिस अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन इस संबंध में अब कोई कार्रवाई नहीं होती।
जनवरी से मई तक हादसों का रहा दौर
जनवरी से मई यानी पिछले पांच माह के सड़क हादसों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 133 हादसे दर्ज हुए हैं। इनमें 80 लोगों की मौत हुई है, जबकि 99 लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंचे। इनमें करीब 20 फीसदी घायल स्थायी अपंगता का शिकार भी हुए हैं। जनवरी में 25 सड़क हादसों में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि 21 घायल हुए। फरवरी में 23 हादसों में 14 लोगों की मौत और 17 लोग घायल हुए। मार्च में 27 हादसों में 17 लोगों की मौत तथा 13 लोग घायल हुए। अप्रैल में 34 हादसों में 26 लोगों की मौत और 29 लोग घायल हुए। मई में 24 सड़क हादसों में 11 लोगों की मौत तथा 19 लोग घायल हुए। यह स्थिति तब है, जब वर्ष में दो बार यातायात जागरूकता माह मनाया जाता है।
तीन साल में सड़क हादसों की स्थिति
वर्ष
दुर्घटना
मौत
घायल
2023
290
149
222
2024
330
178
220
2025
339
188
206
कुल
959
515
648
एक जनवरी से मई तक सड़क हादसे
माह
दुर्घटना
मौत
घायल
जनवरी
25
12
21
फरवरी
23
14
17
मार्च
27
17
13
अप्रैल
34
26
29
मई
24
11
19
कुल
133
80
99
कोट-
पुलिस विभाग द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। सड़क किनारे खड़े बड़े वाहनों पर भी कार्रवाई होती रही है।
- श्यामशंकर पांडेय, प्रभारी यातायात पुलिस
सड़क हादसों को रोकने के लिए जागरूकता के साथ ब्रेकर, साइन बोर्ड समेत अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। लोगों को जागरूक करने के साथ सख्ती से यातायात नियमों का पालन कराने के लिए चालान और सीज जैसी कार्रवाई की जा रही है।
-सुहैल अहमद, एआरटीओ, मऊ