मऊ। जिले के वृद्धा पेंशनधारकों को चार महीने से वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही है। इससे उनकी स्थिति खराब हो गई है। वे पेंशन मिलने की आस में बैंकों का चक्कर काटने को विवश हो रहे हैं। हर बार उन्हें निराश होकर घर लौटना पड़ता है। इसमें से कई लोग ऐसे हैं, जिनके लिए पेंशन ही गुजारे का माध्यम है। जिला प्रशासन को इन लोगों की कोई परवाह नहीं रह गई है। आला अधिकारी बैंकिंग समस्या होने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
जिले में 87609 वृद्धा पेंशनधारक हैं। सरकार की तरफ से प्रतिमाह एक हजार रुपये लाभार्थी के खाते में भेजा जाता है। लेकिन महीनों से पेंशनधारकों के खाते में पेंशन न पहुंचने से लाभार्थियों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। विभाग की तरफ से मार्च माह 2023 में पेंशन की राशि लाभार्थियों के खाते में भेजा गया था। लेकिन अभी तक पांच माह से लाभार्थियों के खाते में पेंशन की राशि नहीं पहुंची है। जिले में छह हजार ऐसे लाभार्थी हैं, जिनका आधार कार्ड तथा एनपीसीआई से लिंक न होने से लंबे समय से पेंशन नहीं मिल पा रहा है। विभाग की तरफ से तकनीकी खामी से पेंशन से वंचित होने वाले लाभार्थियों की सूची ब्लाॅकवार, ग्राम सभावार भेजी गई है। सेक्रेटरी, खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत आदि को सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन आला अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं।
इस संबंध में बढुुआगोदाम के बादामी देवी और कुंती सिंह कहना है कि बुढ़ापे का सबसे बड़ा सहारा वृद्धावस्था पेंशन ही है। लेकिन चार महीने से पैसा बंद है। बैंक के चक्कर लगाकर थक गए हैं। पता नहीं चल पा रहा है कि क्या गड़बड़ी है।
इस बाबत जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुज कुमार का कहना है कि लाभार्थियों के खाते में भेजी गई है। बैंक मेें तकनीकी समस्या के चलते छह हजार पेंशन लाभार्थियों के खाते मेंं नहीं जा पा रही है। ब्लाकवार सूची भेज दी गई है। अधिकारियों, कर्मचारियों को सहयोग करने के लिए कहा गया है।