मुहम्मदाबाद गोहना। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रभाव कम होने के बाद हुए अनलॉक में अब सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों और फरियादियों की तादाद धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों का चक्कर लगाने लगे हैं। लेकिन हम नहीं सुधरेंगे की तर्ज पर कर्मचारी समय से दफ्तर नहीं पहुंच रहें। ऐसे में अधिकांश कर्मचारियों की कुर्सियां खाली मिल रही है। इससे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ ऐसा ही नजारा सोमवार को मुहम्मदाबाद गोहना तहसील परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों और न्यायालय में देखने को मिला। तहसील के आला हाकिम एसडीएम आरबी तिवारी सोमवार को सुबह 10 बजे अपने चेंबर में मौजूद रहकर लोगों की फरियाद सुन रहे थे तो वहीं चकबंदी अधिकारी, तहसीलदार कार्यालय व न्यायालय, राजस्व लिपिक, नजारत, रजिस्टार कानूनगो कार्यालय, भूलेख अनुभाग, आपूर्ति कार्यालय, कंप्यूटर कक्ष आदि दफ्तरों में या तो ताला बंद रहा अथवा अधिकारी कर्मचारी गायब मिले।
अमर उजाला टीम सुबह 10 बजे तहसील परिसर में सबसे पहले चकबंदी न्यायालय/ कार्यालय पहुंची तो वहां एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को छोड़कर अन्य सभी कर्मचारी और चकबंदी अधिकारी अनुपस्थित रहे। इसके बाद तहसीलदार चेंबर के निरीक्षण के दौरान वहां ताला बंद मिला तो वही बगल में स्थित राजस्व लिपिक कार्यालय में भी ताला लटका नजर आया।
इसी क्रम में आपूर्ति विभाग कार्यालय में जाने पर वहां एक मात्र बबलू नाम का संविदा कर्मचारी उपस्थित मिला। लेकिन इस दौरान लगभग 10.25 पर पूर्ति निरीक्षक आनंद यादव व महिला लिपिक गायत्री कार्यालय पहुंच गए। इसी क्रम में संग्रह कार्यालय के निरीक्षण के दौरान इसमे दो कर्मचारी वीरेंद्र पांडेय और शिव शंकर यादव अपनी कुर्सी पर मौजूद मिले। तहसील के सबसे अधिक कर्मचारियों वाला कार्यालय भूलेख अनुभाग/ रजिस्टार कानूनगो कार्यालय में केवल एक आरके अनिल दुबे उपस्थित मिले।
शेष सभी कर्मचारी अपनी कुर्सी से गायब मिले। इसी प्रकार तहसील के कम्प्यूटर कक्ष में भी ताला बंद मिला लेकिन इसमें कार्यरत एक कर्मचारी सोनू सिंह बगल के कमरे में खतौनी जारी करने वाले कमरे में कार्य करते मिले। वैसे भी अभी कोरोना की तीसरी लहर से बचाव को लेकर शासन द्वारा तमाम निर्देश जारी किए गए हैं। बावजूद इसके कार्यालय में प्रवेश करने वालों की न तो थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही थी और ना ही कोरोना से बचाव के लिए कोई भी फरियादी या कर्मचारी मास्क का प्रयोग कर रहा था।
कर्मचारियों की अनुपस्थिति के बाबत एसडीएम श्री त्रिपाठी का कहना था कि आज योग दिवस कार्यक्रम के कारण कुछ कर्मचारी लेट हो गए होंगे फिर भी कार्यालयों में समय से मौजूदगी न होना गंभीर मामला है। कहा कि समय से कार्यालय न आने वाले अथवा अनुपस्थित कर्मचारियों को तलब किया जाएगा। कहा कि फरियादियों की समस्याओं का प्रतिदिन निस्तारण किया जाना आवश्यक है।
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आला हाकिम की मौजूदगी लेकिन कार्यालयों से गायब रहे कर्मचारी
आला हाकिम की मौजूदगी लेकिन कार्यालयों से गायब रहे कर्मचारी
दस बजे तक तहसील के अधिकांश कार्यालयों में बंद रहा ताला
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
मुहम्मदाबाद गोहना। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रभाव कम होने के बाद हुए अनलॉक में
अब सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों और फरियादियों की तादाद धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों का चक्कर लगाने लगे हैं। लेकिन हम नहीं सुधरेंगे की तर्ज पर कर्मचारी समय से दफ्तर नहीं पहुंच रहें। ऐसे में अधिकांश कर्मचारियों की कुर्सियां खाली मिल रही है। इससे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही नजारा सोमवार को मुहम्मदाबाद गोहना तहसील परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों और न्यायालय में देखने को मिला। तहसील के आला हाकिम एसडीएम आरबी तिवारी सोमवार को सुबह 10 बजे अपने चेम्बर में मौजूद रहकर लोगो की फरियाद सुन रहे थे तो वहीं चकबन्दी अधिकारी, तहसीलदार कार्यालय व न्यायालय , राजस्व लिपिक, नजारत, रजिस्टार कानूनगो कार्यालय, भूलेख अनुभाग, आपूर्ति कार्यालय , कम्प्यूटर कक्ष आदि दफ्तरों में या तो ताला बंद रहा अथवा अधिकारी कर्मचारी गायब मिले। अमर उजाला टीम सुबह 10 बजे तहसील परिसर में सबसे पहले चकबन्दी न्यायालय/ कार्यालय पहुंची तो वहां एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को छोड़कर अन्य सभी कर्मचारी और चकबन्दी अधिकारी अनुपस्थित रहे। इसके बाद तहसीलदार चेम्बर के निरीक्षण के दौरान वहां ताला बंद मिला तो वही बगल में स्थित राजस्व लिपिक कार्यालय में भी ताला लटका नजर आया। इसी क्रम में आपूर्ति विभाग कार्यालय में जाने पर वहां एक मात्र बबलू नाम का संविदा कर्मचारी उपस्थित मिला। लेकिन इस दौरान लगभग 10.25 पर पूर्ति निरीक्षक आनंद यादव व महिला लिपिक गायत्री कार्यालय पहुंच गए। इसी क्रम में संग्रह कार्यालय के निरीक्षण के दौरान इसमे दो कर्मचारी वीरेंद्र पांडेय और शिव शंकर यादव अपनी कुर्सी पर मौजूद मिले। तहसील के सबसे अधिक कर्मचारियों वाला कार्यालय भूलेख अनुभाग/ रजिस्टार कानूनगो कार्यालय में केवल एक आरके अनिल दुबे उपस्थित मिले। शेष सभी कर्मचारी अपनी कुर्सी से गायब मिले। इसी प्रकार तहसील के कम्प्यूटर कक्ष में भी ताला बंद मिला लेकिन इसमें कार्यरत एक कर्मचारी सोनू सिंह बगल के कमरे में खतौनी जारी करने वाले कमरे में कार्य करते मिले।वैसे भी अभी कोरोना की तीसरी लहर से बचाव को लेकर शासन द्वारा तमाम निर्देश जारी किए गए हैं। बावजूद इसके कार्यालय में प्रवेश करने वालों की न तो थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही थी और ना ही कोरोना सेबचाव के लिए कोई भी फरियादी या कर्मचारी मास्क का प्रयोग कर रहा था। किसी भी कार्यालय में सैनिटाइजर की व्यवस्था भी नहीं थी। कर्मचारियों की अनुपस्थिति के बाबत एसडीएम श्री त्रिपाठी का कहना था कि आज योग दिवस कार्यक्रम के कारण कुछ कर्मचारी लेट हो गए होंगे फिर भी कार्यालयों में समय से उपस्थित न होना गंभीर मामला है। कहा कि समय से कार्यालय न आने वाले अथवा अनुपस्थित कर्मचारियों को तलब किया जाएगा। कहा कि फरियादियों की समस्याओं का प्रतिदिन निस्तारण किया जाना आवश्यक है।