मऊ। अब बिजली उपभोक्ताओं बिल जमा करने के लिए विद्युत उपकेंद्र का चक्कर नहीं काटना होगा। बल्कि कोटेदार के यहां राशन लेते समय ई-पास से बिल का भुगतान कर अपनी देनदारी समाप्त कर सकते हैं। विद्युत वितरण खंड प्रथम कार्यालय पर कोटेदारों को बिजली बिल के जमा करने का प्रशिक्षण दिया गया।
विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली का बिल जमा करने के लिए अभी तक बिजली कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता था। ऐसा अब नहीं होगा, बल्कि वे घर बैठे सुबह शाम बिजली का बिल जमा कर सकेंगे। गांव के कोटेदारों को मिली ई-पॉस को बिजली का बिल जमा करने का माध्यम बनाया गया है। ई-पॉस मशीन से कैश भुगतान नहीं होगा, बल्कि ऑनलाइन ही भुगतान होगा। ई-पॉस मशीन से क्रेडिट कार्ड या फिर डेबिट कार्ड लगाकर उपभोक्ता अपने बिल संख्या और धनराशि को डालने के बाद विभाग को रुपये भुगतान कर सकेंगे। उपभोक्ता के खाते से उतनी धनराशि कट जाएगी। उन्हें रसीद भी मिलेगी।
इसके लिए कोटेदार को अपना ई-पॉस रिचार्ज कराना होगा। उपभोक्ता यदि विद्युत बिल जमा करने के लिए कोटेदार को कैश देते हैं तो ई-पास से रसीद काट कर कोटेदार उपभोक्ता को तत्काल थमा देगा। उपभोक्ताओं का मशीन पर अंगूठा भी लगेगा। जिससे उपभोक्ता या फिर कोटेदार भविष्य में झूठ न बोल सकें। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता सुबोध कुमार ने बताया कि उपभोक्ता कोटेदार के यहां ईपीओएस मशीन से बिजली बिल जमा कर सकते हैं।