गुरुवार को अमिला में स्टेट बैंक का सर्वर फेल होने के बाद बैंक के बाहर मौजूद परेशान उपभोक्ता।
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नोट बंदी के बाद अब तक तो हाहा कार मचा ही था, लोगों ने जैसे तैसे नवंबर में अपना काम चलाया, असली दिक्कत गुरुवार एक दिसंबर से उस वक्त शुरू होगी जब कर्मचारियों का वेतन रिलीज होगा। जिले के तीनों चेस्ट पहले से ही बेहाल है। ऐसे में गुरुवार से नोटबंदी के दिक्कत का एक नमूना देखा जा सकता है। हालांकि बैंक कर्मचारियों का कहना है कि वेतन आने से क्या होता है, रूपया निकालने का लिमिट तो 24 हजार ही है।
बतातें चलें कि आठ नवंबर को नोट बंदी की घोषणा होने के बाद से हाहाकार मचा है। कैश कम होने से लोगों की जरूरते नहीं पूरी हो पा रही। किसी तरह से लोगों ने बीस दिन का समय काट लिया। अब एक दिसंबर को कर्मचारियों का वेतन रिलीज हो रहा है। जिले में सभी विभागों को मिलाकर करीब आठ हजार कर्मचारी है। लेकिन ट्रेजरार आबिद अली की मानें तो सभी का वेतन बिल एक साथ रिलीज नहीं किया जा रहा। पहले चरण में करीब तीन हजार कर्मचारियों का 50 करोड़ रूपया रिलीज किया जाएगा।
इसमें कलेक्ट्रेट, पुलिस विभाग के संग अन्य कई विभाग शामिल हंै। इसके अतिरिक्त करीब ग्यारह हजार पेंशनरों की पेंशन राशि भी गुरुवार को रिलीज कर दी जाएगी। दूसरी तरफ जिले में मौजूद तीन करेंसी चेस्ट में तीनों की दशा दयनीय हो चली है।
स्टेट बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक रंजीत ने बताया कि आज रात करेंसी नहीं आई तो एक दिसंबर से उन्हें उपभोक्ताओं के सामने हाथ जोड़ना पड़ेगा, कि जिनको ज्यादा जरूरी हो वही रूपया खाते से निकाले। बोले बुुधवार को वो यूबीआई करेंसी चेस्ट से एक करोड़ रूपया उधार मांगे लेकिन वो भी देने में असमर्थता जताए।
पंजाब नेशनल बैंक के चेस्ट प्रबंधक शिवनाथ ने बताया कि उनके यहां चेस्ट सोमवार से ही बैठ गया है। ऐसे में वो काफी परेशान हंै। सभी चेस्ट प्रबंधक आरबीआई से लिखा पढी कर रहें है। लेकिन संभावना नहीं है कि अगले दो दिनोंतक रूपया आ सकें।