जब से प्रदेश में योगी सरकार आई बाहुबली नहीं, बजरंगबली दिखते हैं। आरोप है उनके इस भाषण से धार्मिक भावनाओं को आघात पहुंचा है। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए श्वेता चौधरी ने प्रार्थनापत्र को 18 फरवरी को सुनवाई के बाद मामला क्षेत्राधिकार से बाहर होने के चलते खारिज कर दिया।
इस आदेश के विरुद्ध वादी मुकदमा की ओर से जिला जज की कोर्ट में फौजदारी निगरानी दाखिल किया गया। इसे सुनवाई के लिए विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। जहां सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश ने निगरानी को एडमिट कर लिया तथा विपक्षी संख्या दो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को नोटिस जारी किया तथा सुनवाई के लिए 15 मार्च की तिथि तय की।