नगर के डीसीएसके पीजी कालेज में पुस्तक मेला के समापन पर छात्रों को पुस्तक प्रदान कर सम्मानित करते
- फोटो : MAU
मऊ। जिला प्रशासन के तत्वावधान में पर्यावरण एवं वन विभाग की तरफ से नगर स्थित डीसीएसके पीजी कालेज परिसर में चल रहा पुस्तक मेला रविवार को संपन्न हो गया। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल रहे। इस मौके पर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने कहा कि यह पुस्तक मेले का समापन नहीं बल्कि सांस्कृतिक उत्सव का आरंभ है।
उन्होंने कहा कि मेले में प्रतिदिन भागीदारी करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को पर्यावरण साहित्य से पुरस्कृत करने का उद्देश्य पर्यावरण शिक्षा को समाज के सभी वर्गो तक पहुंचाना है। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी संजय विश्वाल ने कहा कि आज का थीम जीवन के रंग प्रकृति के संग पर्यावरण शिक्षा के प्रवाह को ज्ञान के मंदिरों तक पहुंचाना है। कहा कि पर्यावरण अंक प्राप्ति का विषय नहीं जीवन जीने का संस्कार है। डीसीएसके डिग्री कालेज की प्रोफेसर डॉ. रूचिका मिश्रा ने कहा कि धरती हमारी मां है, जो हमारी सभी जरूरतों को पूरा करती है। प्रोफेसर डॉ. धनंजय चोपड़ा ने कहा कि डिजिटल दुनिया में किताबों की स्पेेस खत्म नहीं होगी। उन्होने कहा कि किताबे सपने दिखाती है संवाद करती है। और सृजन से जोड़ती है। डीसीएसके पीजी कालेज के प्राचार्य डॉ. एके मिश्र ने कहा कि पुस्तक मेला हर वर्ष लगता रहेगा। इस विश्वास के साथ हम प्रकाशकों को विदा कर रहे हैं।हरिहरपुर घराने के पं. मोहन मिश्रा और शीतला प्रसाद मिश्रा के साथियों ने जीवन के रंग प्रकृति के संग थीम पर सोहर, कजरी, फॉग जैसी विधाओं की मार्मिक प्रस्तुति की। मेले के समन्वयक विकल्प रंजन ने कहा कि पूर्वांचल के युवा लोक राग के धूनों को जीने वाला युवा समाज है। शुरूआत समिति की सचिव रीता रंजन ने कहा कि मऊ पुस्तक मेले में प्रकाशक प्रसन्न् होकर जा रहे हैं।
मेले के संयोजक व संस्कृतिकर्मी राजीव रंजन ने कहा कि किताबें नवनिर्माण करती है। कार्यक्रम को डॉ. सीपी राय, डॉ. सर्वेश पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ.राजेंद्र प्रसाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक गौतम आदि ने संबोधित किया।