हिंदू-मुस्लिम एकता मंच के तत्वावधान में कस्बा के बड़ागांव बाजार में जनसभा का आयोजन किया गया। इसमें सऊदी अरब में शिया धर्मगुरु तथा अन्य को फांसी दिए जाने की निंदा की गई। साथ ही पठानकोट में आतंकी हमले पर रोष जताया। कहा गया कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता।
इस अवसर पर भाजपा नेता डॉ. एचए सिंह ने कहा कि आतंवाद का कोई मजहब नहीं होता। इसको प्रश्रय देने वाले कुछ देशों के ऊपर जब आतंकवाद का डंडा पड़ा है, तब उन्हें अन्य की पीड़ा समझ में आ रही है। हमें आतंकवाद के विरुद्ध केवल सरकार के भरोसे नहीं रहना है।
आतंकवाद का जो चेहरा सामने आ रहा है, वह बहुत भयानक है। भाजपा के योगेंद्र राय ने कहा की धर्मगुरु को फांसी देने और अपने देश में आतंकवादी घटनाओं की जितनी निंदा की जाय वह कम होगी। डॉ. वासिमुद्दीन जमाली ने कहा की सऊदी में शिया धर्म गुरु के साथ कई सुन्नी लोगों को भी फांसी दी गई। यह मानवता को फांसी है।
समाजसेवी शैलेश कुमार मिश्रा ने आतंकवाद और उसके अभिष्ट चेहरे को बता कर लोगों इसके खतरों से आगाह किया। सभा को मौलाना मेहंदी हुसैनी, डॉ. वी जमाली, एसके मिश्र, हिसामुद्दीन, हाफिज नासीर, मुन्ना प्रसाद गुप्ता, मनोज राय, मास्टर असगर, गुड्डन श्रीवास्तव, अभय तिवारी आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता अधिवक्ता समसुल हसन तथा संचालन राजेश श्रीवास्तव ने किया।