हलधरपुर। जायद फसल के सीजन में नहर में पानी न छोड़े जाने से किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। सिंचाई के अभाव में सब्जी सहित पशुओं के लिए बोई गई चारे और गन्ने की फसल सूख रही है। लोगों ने आला अधिकारियों को अवगत कराया बावजूद माइनर में पानी छोड़ने की जहमत तक नहीं उठायी जा सकी है।
दोहरीघाट पंप कैनाल नहर से संबद्ध कुशाडीह माइनर से गहना, मलपुर, कड़वरा, छिछोर, सेमराजपुर, बड़ागांव, अइलख, करनी सहित विभिन्न गांवों की 1000 बीघा जमीन की सिंचाई की जाती है। अप्रैल बीतने को है लेकिन अभी तक माइनर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है। माइनर में पानी न आने से किसानों की ओर से गन्ना, मूंग, बाजरा, सब्जी की फसल सिंचाई के अभाव में सूख रही है। इस संबंध में छिछोर गांव निवासी बंशीधर मौर्य, शिवजी, भोला बहादुर, रिंकू सिंह का कहना है कि अप्रैल बीतने को है, लेकिन अभी तक माइनर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है। सिंचाई के अभाव में गन्ना, सब्जी की फसल सूख रही है। सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। इस बाबत सिंचाई विभाग के अवर अभियंता मकलू राम का कहना है कि माइनर में अगले हफ्ते पानी छोड़ा जाएगा।