मऊ। जनपद में एक से 15 अप्रैल तक संचारी रोगों की रोकथाम के लिए अभियान चलाया गया, इस दौरान घर- घर जाकर लोगों की जांच के लिए दस्तक अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान गांव के दूर दराज क्षेत्र तो दूर की बात है, नगर के रघुनाथपुर की नालियां और गलियां भी साफ नहीं हो सकी हैं। रघुनाथपुर मुहल्ले का प्रसार खीरीबाग से लेकर बड़ी कम्हरिया तक है। आबादी 50 हजार से अधिक है। पूरे मुहल्ले में 20 नालियां ऐसी हैं, जो दो सप्ताह से भी अधिक समय से जाम हैं। सफाई नहीं होने से घरों से निकलने वाला गंदा पानी गलियों में ओवरफ्लो हो रहा है। इससे लोगों को बाहर निकलने और आवागमन में असुविधा हो रही है। वहीं दूसरी ओर गंदा पानी मुहल्ले में लगने से संचारी रोग फैलने का खतरा भी बना हुआ है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पहले पूरे मुहल्ले की नाली का पानी कासिम पोखरी में जाता था। नालियों की नियमित सफाई होने से कहीं पर पानी सड़क पर नहीं बहता था। लेकिन जब संचारी और दस्तक अभियान चल रहा है, उस समय भी गंदगी और गलियों में गंदा पानी का भराव अभियान के दावों की पोल खोल रहा है। वार्ड-45 मोहल्ला रघुनाथपुरा में नाली जाम है। मुहल्लेवासी खालिद कमाल, फहद कमाल, बेलाल, शफीक, शाहीद, वाहिद सहित अनेक लोगों को कहना है कि संचारी और दस्तक अभियान अभी चल रहा है, लेकिन अभी तक मुहल्ले में होने वाली परेशानी को लेकर शिकायत के बाद भी कोई नहीं आया है। नगर पालिका को कई बार नाली की सफाई को लेकर सूचना दी गई, लेकिन अभी तक मऊ नगरपालिका के अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। भीषण गर्मी पड़ रही है, ऐसे में गंदगी और जलभराव से कई बीमारियों के फैलने की आशंका है। लेकिन न तो सफाई हो रही है और न ही कोई दवा का छिड़काव हो रहा है। रघुनाथपुरा लोग गंदगी में रहने के लिए मजबूर हैं। गलियों तक पूरे रास्ते में पानी भरा हुआ है। लोगों को मस्जिद में आने-जानें में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
रघुनाथपुरा में नाली के जाम और दवा के छिड़काव नहीं होने की जानकारी नहीं है। नगरपालिका और अन्य संबंधित से बातकर जल्द ही सफाई करा दवा का छिड़काव भी किया जाएगा।
- बेदी यादव, जिला मलेरिया अधिकारी