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Mau News: बिना फिटनेस प्रमाणपत्र और चालकों के चरित्र सत्यापन के कोई भी स्कूली वाहन नहीं चलेगा

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जिलाधिकारी आनंद वर्धन की अध्यक्षता में बुधवार को जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन, वाहनों की फिटनेस और चालकों के सत्यापन की समीक्षा की गई।
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जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सोहेल अहमद ने बताया कि जनपद में 1130 पंजीकृत स्कूली वाहन हैं।
इनमें से 1032 वाहनों का फिटनेस प्रमाणन हो चुका है, जबकि 98 वाहनों का फिटनेस फेल पाया गया है। ऐसे विद्यालयों को नोटिस जारी किए गए हैं और फेल वाहनों की सूची पुलिस को उपलब्ध करा दी गई है।
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निजी वाहनों से बच्चों के परिवहन पर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। अभियान में छह निजी वाहनों का चालान किया गया और तीन को निरुद्ध किया गया। अनधिकृत ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा को स्कूली वाहन के रूप में चलाने पर पूर्ण रोक लगाई गई है।
प्रभारी निरीक्षक यातायात ने बताया कि ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत 140 वाहनों का चालान किया गया और 26 वाहनों को सीज किया गया।
ई-रिक्शा का पंजीकरण भी आवश्यक
जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयी वाहन चालकों का पुलिस द्वारा चरित्र सत्यापन अनिवार्य करने का निर्देश दिया। बिना सत्यापन के वाहन चलाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा का विधिवत पंजीकरण आवश्यक है और नाबालिगों द्वारा इसका संचालन नहीं होना चाहिए। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने सीसीटीवी कैमरा, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने वैध ड्राइविंग लाइसेंस और चरित्र सत्यापन सुनिश्चित करने को भी कहा। वहीं, जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली के सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। प्रत्येक वाहन की नियमित जांच हो और वह सभी मानकों को पूरा करता हो। थाना प्रभारियों को तेज गति, नाबालिग चालक या यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर तत्काल विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
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