कोपागंज पुलिस और स्वाट-एसओजी की संयुक्त टीम ने बुधवार की भोर इंदारा रेलवे स्टेशन के पास 15 हजार रुपये के इनामी पशु तस्कर ढेला को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद किए गए।
उसके दाहिने पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि चेला राम का पुरा थाना कोपागंज निवासी व 15 हजार रुपये का इनामी ढेला (35) कटवास से इंदारा रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा है।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने समर्पण करने को कहा, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। उसके कब्जे से एक देशी तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए।
इसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। एसपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका एक गैंग है, जो रात में गोवंश को पकड़कर रस्सियों से बांधकर सुनसान स्थान पर ले जाता था।
वहां उनको मारकर मांस को बोरियों में भरकर बेच देता था। इससे मिलने वाली रकम गैंग के सदस्य आपस में बांट लेते थे। आरोपी ने यह भी बताया कि गोकशी के मामलों में उसके कई साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कोपागंज थाने में आर्म्स एक्ट और पशु तस्करी के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा बलिया जिले के सिकंदरपुर थाने में भी पशु तस्करी का एक मामला दर्ज है।
अप्रैल में पशु की हत्या में शामिल था आरोपी
एसपी के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 23 अप्रैल की रात उसने अपने साथियों इरफान, धड़कू, खालिक अहमद, मन्ना और जाकिर (निवासी चेलारामपुर) के साथ मिलकर मदरसे के पास से एक गोवंश को पकड़ लिया था। उसे रस्सियों से बांधकर अपने घर के पास स्थित बगीचे में ले गए, जहां उसकी हत्या कर मांस बेच दिया। अगले दिन सुबह ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी। आरोपी ने बताया कि इस मामले में उसके कुछ साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। बुधवार को वह अपने बचे साथियों से मिलकर आगे की योजना बनाने जा रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।