मऊ। वित्तीय सत्र बीतने में 29 दिन शेष हैं। जिले में आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत शत प्रतिशत परिषदीय विद्यालयों में सुंदरीकरण सहित विभिन्न कार्य शुरू नहीं किए जा सके हैं। 1502 के सापेक्ष 948 विद्यालयों में ही कार्य हो सका है। जबकि 20 मार्च तक ही कार्य को पूरा किया जाना है। ग्राम प्रधान आपरेशन कायाकल्प में रुचि नहीं ले रहे हैं। सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार लापरवाह बने हैं। उधर, बेसिक शिक्षा विभाग ने जिला पंचायतराज अधिकारी को रिपोर्ट भेजा है।
जिले में 684 ग्राम पंचायतों में 1502 परिषदीय विद्यालय हैं। ग्रामीणों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराए जाने के लिए सरकार की तरफ से आपरेशन कायाकल्प योजना शुरू की गई है। इसके तहत राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों से प्राप्त धनराशि का 50 प्रतिशत परिषदीय विद्यालयों में सुंदरीकरण कराया जाना था। इसके लिए 20 मार्च की समयसीमा तय की गई है। लेकिन अभी तक 1502 के सापेक्ष 948 विद्यालयों में ही कार्य शुरू हो पाया है। यही नहीं शासन से तय किए गए सात पैरामीटर का अनुपालन भी नहीं किया जा रहा है। इसके तहत प्राथमिक विद्यालय अरदौना में कायाकल्प योजना के तहत कार्य शुरू तो कराया गया है,लेकिन खड़ंजा ही लगाया जा सका है। यह तो एक बानगी है। ग्राम प्रधान कायाकल्प योजना में ज्यादा रुचि ही नहीं ले रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की मानें तो कायाकल्प योजना को प्राथमिकता दी जा रही है। लेकिन प्रत्येक गांवों में सामुदायिक शौचालय बनाया जाना है। इस पर भी फोकस किया जा रहा है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो ग्राम सभाओं की तरफ से 85 प्रतिशत बजट खर्च कर दिया गया है। ऐसे में वर्तमान वित्तीय वर्ष में पूरा होना मुश्किल ही लग रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारी जिला समन्वयक निर्माण अजीत तिवारी का कहना था कि 948 प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ही आपरेशन कायाकल्प के तहत कार्य चल रहा है। शासन से तय किए गए पैरामीटर के तहत कार्य कराए जाने के लिए संबंधित खंड विकास अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
आपरेशन कायाकल्प को प्राथमिकता दी जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से जिन कमियों को इंगित किया जाएगा। उसे ठीक करा दिया जाएगा।
घनश्याम सागर, जिला पंचायतराज अधिकारी
तय किए गए पैरामीटर्स
बालक बालिका का अलग-अलग शौचालय
स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था
जल निकासी की व्यवस्था, हाथ धोने की व्यवस्था
वृहद द्वार, इंटरलाकिंग,टाइल्स
किचेन शेड की मरम्मत
चहारदीवारी