प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झूूठे वादों से देश को गुमराह किया है। सौ दिन में काला धन वापस लाने, महंगाई को काबू में करने, अच्छे दिन आने सहित उनके तमाम वादे झूूठ साबित हुए। यही नहीं, किसानों की भूमि छीनने के प्रयास में तीसरी बार लाया गया भूमि अधिग्रहण बिल मोदी की हठवादिता और किसान विरोधी छवि को साबित करने के लिए काफी है।
ये विचार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री के हैं। वह सोमवार को मऊ में माता पोखरा एवं हिंदी भवन में हुए पार्टी के पदाधिकारियों के सम्मेलन में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा स्थापित मिलों को एक-एक कर बंद किया जा रहा है। बुनकरों के कल्याण के लिए संचालित योजनाएं बंद कर देने से उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। मनरेगा जैसी योजनाओं में धन न देकर गरीबों का निवाला छीनने का प्रयास किया जा रहा है।
खत्री ने कहा कि युवाओं और हुनरमंदों का पलायन रोकने के लिए कांग्रेस सरकार ने बुनकरों को सूत की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कताई मिलों की स्थापना की और तैयार साड़ियों और लुंगियों की खरीद के लिए सभी प्रमुख बुनकर बहुल शहरों-कस्बों में डिपो खुलवाए थे।
इन्हें भी बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मद में पूर्व की अपेक्षा दिए जा रहे बजट में केंद्र ने भारी कटौती कर दी है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के दौरान मोदी ने जनता से जो भी वादे किए, वो सब थोथे साबित हुए। भाजपा ने किसानों की भूमि छीनने का मानों संकल्प ले लिया है।
तभी तो विपक्ष के पुरजोर विरोध के बावजूद भूमि अधिग्रहण बिल लाया गया। खत्री ने पार्टी पदाधिकारियों का आह्वान किया कि वे किसानों की भूमि जबरन छीनने के अधिकार वाले बिल को कानून का रूप देने से रोकने के लिए आवाज उठाएं।
इस अवसर पर महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. सुुधा राय ने कहा कि कल्पनाथ राय के बाद मऊ में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। जिलाध्यक्ष अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि जनता फिर से कांग्रेस को याद कर रही है। देश में कांग्रेस के सिवाय कोई विकल्प नहीं है।
पूर्व जिलाध्यक्ष राष्ट्रकुंवर सिंह ने कहा कि पार्टी संगठन के निर्देश पर कांग्रेस जन किसी संघर्ष के लिए प्राण पण से तैयार हैं। राना खातून ने कहा कि सभी पार्टियों की भ्रष्ट राजनीति से जनता ऊब चुकी है।
कार्यक्रम में सुरेश बहादुर सिंह, राजेश सिंह, अनिल सिंह,सुरेश पासी, मन्नान खान माधवेंद्र बहादुर सिंह, प्रद्युम्न यादव ने आदि अपने विचार व्यक्त किए। जबकि राम प्यारे यादव, योंगेंद्र सिंह, खालिद अंसारी, ओम नारायाण शर्मा, वीरेंद्र तिवारी, पप्पू खान आदि मौजूद रहे।