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लापरवाही या भष्ट्राचार: बिना योजना बनाए सुंदरीकरण के नाम पर खोद दिया गड्ढा

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मऊ। जिला अस्पताल परिसर में बनी कॉलोनी के पास एक बड़ा गड्ढा खोदने से अस्पताल प्रबंधन पर सवालिया निशान उठ रहा है। इस गड्ढे के पीछे अस्पताल प्रबंधन सुंदरीकरण के तहत तालाब बेस्ड थीम पार्क पर इसे अपडेट करने की योजना का दावा किया जा रहा है। दूसरी तरफ अब तक इसको लेकर योजना तैयार न होने की भी बात कह रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना किसी योजना तैयार किए उसकी कागजी प्रक्रिया के अस्पताल परिसर में गड्ढा खोदना सवालिया निशान उठा रहा है। उधर कॉलोनी के बीच मिट्टी खोदने के लिए बना गड्ढा बीते दिनों हुए बारिश के बाद यहां रह रहे डाॅक्टर-स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आफत बन चुका है।
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विभागीय सूत्रों की माने तो जिला अस्पताल कॉलोनी में 100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए कॉलोनी में मिट्टी खनन के लिए यहां गड्ढा खोदा गया है। मिट्टी खनन के दौरान यह गड्ढा अब बड़ा और ज्यादा गहरा होने के चलते अब यह लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
नियमानुसार मिट्टी की जरूरत भी थी तो कार्यदायी संस्था को बाहर से इसका उपयोग लाना था, वहीं इस बीच अस्पताल प्रबंधन द्वारा इसको लेकर आपत्ति न करना भी सवालिया निशान उठा रहा है। वहीं इस संबंध में कॉलोनी में रह रहे अविनाश सिंह, डॉ. शैलेष कुशवाह, पंकज यादव आदि का कहना है कि बीते दिनो बारिश के बाद कॉलोनी के मार्ग पर मिट्टी पड़ने से यह रास्ता कीचड़ से सन गया है।
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ऐसे में फिसलन से आए दिन हादसे हो रहे है। वहीं इस गड्ढे को तालाब बेस्ड थीम पार्क में बदलने के संबंध में इनको खुद जानकारी नहीं है। उधर इस संबंध में सीएमएस डाॅ. धनज्जय कुमार ने बताया कि इसे तालाब बेस्ड थीम पार्क के तर्ज पर सुदंरीकरण के तहत विकसित किया जाएगा, इसके चारों ओर टहलने के लिए पाथवे बनाया जाएगा। लेकिन जब इस संबंध में इस योजना और इसकी लागत पर जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि अभी इसकी योजना नहीं बनी है, एक सप्ताह में इसकी योजना तैयार कर ली जाएगी। वहीं मिट्टी खोदने के बाद इसका प्रयोग किट्रिकल केयर यूनिट में किया गया।
कैसे तैयार करेंगे पाथवे, गड्ढे के बगल में सड़क

मऊ।सीएमएस का दावा है कि इस गड्ढे को सुंदरीकरण के तहत विकसित कर किनारे पाथवे बनाएंगे। लेकिन सवाल उठता है कि गड्ढे के दोनों ओर सड़क है, एक दम सड़क से लगकर इसे मिट्टी खनन के लिए खोदा गया है। इतना ही इस गड्ढे पर जब तक सुंदरीकरण नहीं हो जाता जब तक गड्ढे के चारो ओर बेरीकेडिंग होना चाहिए, लेकिन इसको लेकर भी जिम्मेदार उदासीन हो चुके है। उधर बिना कोई बैरीकेडिंग के इस परिसर में घूमने वाले छुट्टा पशु आए दिन इस गड्ढे में गिरकर घायल हो रहे है।
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