मऊ। चार दिन पहले तक जनपद में कोरोना संक्रमण का ग्राफ शुन्य था, लेकिन बीते 96 घंटों में कोरोना सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर चार पहुंच गई। जिले में मंगलवार को आई कुल 1616 रिपोर्ट में एक महिला की रिपोर्ट पाजिटिव रही है। ऐसी स्थिति के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच को लेकर सतर्कता नहीं बरती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग जिले में जांच के लिए 32 टीमों के सक्रिय होना का दावा कर रहा है। लेकिन लापरवाही के कारण समुचित जांच नहीं हो पा रही है।
रोडवेज बस अड्डे पर जिले में आने-जाने वाले मरीजों की जांच के लिए कैंप लगाया गया है, लेकिन रेलवे स्टेशन पर जांच की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि दिल्ली, मुम्बई सहित कई महानगरों से हर रोज हजारों की संख्या में यात्री जिले में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोरोना जांच के लिए 27 से बढ़ाकर 32 आरआर टीम (रैपिड रिस्पांस टीम) बनाई गई है। प्रत्येक टीम में तीन स्वास्थ्य कर्मी हैं।
रोडवेज परिसर में कैंप लगाकर यात्रियों की जांच कराई जा रही है। लेकिन रेलवे स्टेशन पर जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं दिखाई दे रही है। जिले में बीते चार दिनों में चार संक्रमित मिले हैं। जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच की संख्या बढ़ाकर प्रतिदिन 1500 कर दिया है। जिले में अबतक चार लाख 350 लोगों की जांच एंटीजन से तथा तीन लाख 63 हजार 40 लोगों की जांच आरपीसीआर से हुई है। इनमें से जिले में कुल 8337 लोग पाजिटिव मिले थे। जिनमें से 80 लोगों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में जिले में एक्टिव कोरोना मरीज की संख्या चार हो गई है।
सीएमओ डॉ. एनएन दूबे ने बताया कि जिले में कोरोना जांच की संख्या बढ़ाकर प्रतिदिन 15 सौ की जा रही है। बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए टीमें लगाई गई हैं। रेलवे स्टेशन पर जांच न होने की वह स्वयं जांच करेंगे। स्वास्थ्य विभाग की टीमें कोरोना को लेकर एलर्ट कर दी गई हैं। किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।