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रमजान के पहले जुमे पर उमड़े नमाजी

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रमजान के पहले शुक्रवार को नगर के शाही कटरा मैदान पर जुमे की नमाज अदा करते रोजेदार। - फोटो : mau
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रमजान के पहले जुमे पर शहर की मस्जिदें नमाजियों से खचाखच भरी रहीं। इमामों ने नमाज से पूर्व तकरीरों में रमजान को अजमतों और रहमतों का महीना बताते हुए मुसलमानों से इसकी कद्र करने को कहा। नमाज के बाद मुल्क की तरक्की और अमन चैन की दुआएं मांगी गईं। उधर, सुरक्षा के लिहाज से मस्जिदों के पास पुलिस की तैनाती की गई थी।  
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नगर की एक मस्जिद में नमाज से पूर्व तकरीर करते हुए मौलवी नोमान ने कहा कि रमजान में भूखा रहकर नमाज और तराबीह पढ़ने वालों को 70 गुना  सवाब मिलता है। इस लिए रोजा रखने के दौरान झूठ बोलना, गिबत, शिकवा शिकायत करने से बचना चाहिए। क्योंकि इन हरकतों से रोजेदार को रोजे का सवाब नहीं मिलता। मौलवी नोमान ने बताया कि हमारे नवी मुहम्मद साहब मेराज के लिए गए, वहां उनकी मुलाकात अल्लाह ताला से हुई।

इस मुलाकात में अल्लाह ने मुहम्मद साहब को पचास वक्त की नमाज अदा करने का हुक्म दिया। लेकिन मुहम्मद साहब कई बार अल्लाह ताला से मुलाकात करके नमाज को घटवाया, इस पर घटकर पांच वक्त की नमाज और उसकी के साथ-साथ रमजान माह में रोजा को फर्ज किया गया। ऐसे में इस पाक माह में किए गए एक फर्ज नमाज का 70 फर्ज के बराबर सवाब मिलता है। उन्होंंने मुसलमानों से अपील की कि वह रमजान की फजीलतों केे समझें और इस पाक महीने की जितना हो सके कद्र करें।
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वहीं, अन्य मस्जिदों में भी मौलानाओं ने तकरीर करके रोजेदारों को रोजे का महत्व और रोजे में क्या करें क्या ना करें, के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान मस्जिदों के बाहर मौजूद असहाय गरीबों को रोजेदारों ने मदद की। नमाज के दौरान मुल्क और समाज की सलामती के लिए अल्लाह ताला से दुआ की गई।
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