रतनपुरा ब्लाक मुख्यालय स्थित नेहरु इंटर कालेज के प्रांगण में चल रही रामलीला में राम-भरत मिलन की लीला हुई। राम और भरत का प्रेम देखकर दर्शक भाव विह्वल हो गए।
अयोध्यावासियों के साथ भरत, शत्रुघ्न नगर के लोगों के साथ गुरु वशिष्ठ के नेतृत्व में चित्रकूट के लिए प्रस्थान करते हैं। भारद्वाज मुनि लोगों का आतिथ्य सत्कार कर चित्रकूट का मार्ग बताते हैं। राम लक्ष्मण को समझाते हुए कहा कि हे भाई सत्य कह रहे हो राज्य का मद सबसे कठिन मद है। भरत सरीखा पुरुष ब्रह्मा की सृष्टि में न तो देखा गया है और न ही सुना गया है। चित्रकूट के राम कुटी के समीप भरत और अयोध्यावासियों ने नदी में स्नान किया। राम-भरत का मिलन देखकर दर्शक भाव विह्वल हो गए। वही सिपाह सिपाह इब्राहिमाबाद में रामलीला में राम वनगमन की लीला हुई। रामलीला में राजा दशरथ द्वारा राम के राज्याभिषेक की घोषणा करते ही अयोध्या में हर्ष की लहर दौड़ गई। कैकेयी कोपभवन जाकर राजा दशरथ से दो वरदान मांग लेती है। इसमें एक में भरत को राज्य और दूसरे में राम को 14 वर्ष का वनवास मांगा।