मऊ। सप्त ऋषियों के नमन और सनातन परंपराओं के संवर्धन के पावन अवसर ऋषि पंचमी पर नगर के बालनिकेतन रेलवे क्रॉसिंग स्थित श्री हनुमान गढ़ी मंदिर में मंगलवार को संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। विधि-विधान पूर्वक पूजन-अर्चन के साथ शुरू हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन और आरती में हिस्सा लिया।
संगीतमय सुंदरकांड पाठ में बब्बन सिंह, सूरज सिंह, आनंद गुप्ता, डॉ. रामगोपाल गुप्त और विनोद गुप्ता ने मुख्य रूप से संगीतमय सहभागिता निभाई। पाठ के समापन पर सामूहिक हनुमान चालीसा, मनमोहक भजन-कीर्तन और महाआरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान समिति के प्रमुख श्रीराम लोहिया ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सुंदरकांड का पाठ केवल पढ़ने या सुनने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
हनुमान जी महाराज के त्याग, समर्पण, साहस, विनम्रता और प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति को अपने जीवन में उतारना ही सुंदरकांड पाठ की वास्तविक सार्थकता है। वहीं, समिति के प्रमुख अजय मिश्र ने कलंकित चौथ के चंद्रमा के दर्शन के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा के प्रत्येक पर्व और व्रत के पीछे गहरा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण छिपा है, जिसे समझकर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का कर्तव्य है।
इस अवसर पर सुरेश सिंह, रमेश शर्मा, विजय प्रताप सिंह, मनोज गुप्ता, लालू प्रसाद, हरे कृष्ण पाठक, तरुण कुमार, राजेश गुप्ता, संजय सर्राफ, जे.एन. सिंह, मोतीलाल विश्वकर्मा, अनिल शर्मा और राजेंद्र वर्मा सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य व क्षेत्रीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।