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Mau News: जमीन विवाद में 20 साल पहले हुई थी हत्या, एक दोषी को आजीवन कारावास

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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक दीप नारायण तिवारी ने जमीन विवाद में लगभग 20 वर्ष पूर्व सुरेंद्र राय की हुई हत्या के मामले में नामजद चार में से सुनवाई के बाद एक को दोषी पाया।
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उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ कुल 17 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड न देने पर तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा होने पर 10 हजार रुपये वादी मुकदमा को देने का आदेश दिया गया।
एक आरोपी के नाबालिग होने के चलते उसकी पत्रावली अलग कर किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई थी, जबकि दो आरोपी अनिरुद्ध राय व योगेश राय की विचारण के दौरान मौत हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।
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मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र के सियरही बरजला गांव का है। अभियोजन के अनुसार सियरही बरजला गांव निवासी वीरेंद्र राय पुत्र स्व. रामबली राय की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
इसमें गांव के ही रत्नेश राय पुत्र योगेश राय, राजेश राय पुत्र अनिरुद्ध राय, अनिरुद्ध राय व योगेश राय पुत्रगण राधो राय को नामजद किया गया था। वादी का कथन है कि आरोपियों से दीवानी का मुकदमा चल रहा था।
जमीन विवाद को लेकर 3 जनवरी 2006 की शाम करीब 5 बजे आरोपियों ने उसके घर में घुसकर गाली-गलौज व धमकी दी तथा उसके भाई सुरेंद्र राय की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने 7 गवाह पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी राजेश राय को घर में घुसकर धमकी देने, गैरकानूनी तरीके से कैद (सदोष परिरोध) करने तथा हत्या के मामले में दोषी पाया।
दोषी पाए जाने पर उसे हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।
घर में घुसने के मामले में 5 वर्ष की सजा के साथ 5 हजार रुपये अर्थदंड, धमकी देने के मामले में एक वर्ष की सजा के साथ एक हजार रुपये अर्थदंड तथा गैरकानूनी तरीके से कैद (सदोष परिरोध) करने के मामले में छह माह की सजा के साथ एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।
अर्थदंड न देने पर तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा होने पर 10 हजार रुपये वादी मुकदमा वीरेंद्र राय को देने का आदेश दिया गया।
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