मऊ/चिरैयाकोट। चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के असलपुर गांव में मंगलवार की देर रात करीब एक बजे हत्यारोपी के बेटे की घर के दरवाजे पर गोली मारकर हत्या कर दी। वह बरात से लौटकर अपने घर जा रहा था। जब तक गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचते और घायल को अस्पताल ले जाने की तैयारी करते तब तक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। रात एक बजे हुई इस घटना से पूरे गांव में अफरातफरी मच गई। घटना के बाद हमलावर अंधेरे का लाभ उठाते हुए मौके से फरार हो गए।
सूचना मिलते ही मौके पर एसपी अविनाश पांडेय, सीओ सीओ मुहम्मदाबाद गोहना डाॅ. अजय विक्रम सिंह और चिरैयाकोट थाना प्रभारी प्रवीण सिंह भी सर्विलांस और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी रही।
असलपुर गांव निवासी सौरभ सिंह (24) पुत्र सुरेश सिंह मुन्ना मांगलिक कार्यक्रम से होकर रात करीब एक बजे अपने घर के पास पहुंचा था कि अचानक बदमाशों ने उसे पीछे से बाएं कंधे में गोली मार दी। पहली गोली लगने के बाद युवक अचानक शोर मचाते हुए तेजी से अपने घर की तरफ आगे बढ़ा लेकिन गेट पर ताला बंद होने से वह गली में भागने लगा लेकिन बदमाशों ने उसे घेरकर दूसरी गोली पीछे से सिर और तीसरी गोली सीने में दाग दी। ताबड़तोड तीन गोली लगने से युवक ने मौके पर दम तोड़ दिया। जब तक मृतक के परिजन और पड़ाेस के अन्य लोग वहां पहुंचते सभी बदमाश मौके से फरार हो गए।
आवाज आई कि चलो मर गया है...
चिरैयाकोट। मांगलिक कार्य से घर वापस आने के दौरान मृतक सौरभ ने पिता के मोबाइल पर फोन कर करीब एक बजे तक घर आने के बात कहा था। करीब एक बजे गोली चलने की आवाज सुनने के बाद पिता को संदेह हुआ तो उसने सौरभ के नंबर पर फोन किया तो उधर से आवाज आई कि चलो मर गया है।
गेट खुला रहता तो शायद बच जाता सौरभ
चिरैयाकोट। गांव से गई बरात में मृतक के सौरभ के साथ एक कार में चार लोग गए थे। बरात से वापस आने के बाद गांव में सभी लोग उतर गए। घर के पास लगे गेट पर ही तीन बदमाशों ने उसे गोली मार दी। पहली गोली लगने के बाद सौरभ गेट को खोलने का प्रयास किया। ताला बंद होने से वह गली की तरफ भागा, करीब पचास मीटर भागने के बाद बदमाशों ने पीछे से गोली मार दी।
पूर्व प्रधान की हत्या से जुड़ सकते हैं तार
चिरैयाकोट। असलपुर गांव में आठ सितंबर 2019 को गांव की पोखरी में मछली पालन के लिए नीलामी के दौरान निवर्तनाम प्रधान लल्लन उर्फ मुन्ना बागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कुछ दिन बाद उस मामले में गवाह की भी सरेराह हत्या कर दी गई। उस मामले में असलपुर निवासी राहुल सिंह मुख्य अभियुक्त था। जबकि मृतक साैरभ के पिता सुरेश सिंह सहित अन्य चार लोग भी अभियुक्त थे। इस मामले में करीब ढेड़ वर्ष पहले बिहार में सरेंडर किया था।
पुलिस छावनी में तब्दील रहा गांव
मऊ। असलपुर गांव में दो पक्षों में गैंगवार में का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार की देर रात हुई घटना के बाद रात से ही पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील रहा। गांव में सन्नाटा पसरा रहा। कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं था।
युवक की हत्या के मामले के खुलासे के लिए एसओजी, स्वाॅट और सर्विलांस की तीन टीम को लगा दिया गया है। बताया कि पुलिस को हत्या के संबंध में कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे हैं। - अविनाश पांडेय, पुलिस अधीक्षक