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Mau News: अवैध अस्पतालों में तीन माह में पांच मौत

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मऊ। जनपद में अवैध अस्पतालों पर फर्जी चिकित्सकों के उपचार से मरीजों की लगातार मौत हो रही है। इसके बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालात यह है कि अवैध अस्पतालों में तीन माह में पांच मौत हो चुकी है। शहर से लेकर जनपद के कई क्षेत्रों में ऐसे अवैध अस्पतालों की भरमार है, लेकिन विभाग को सिर्फ शिकायत का इंतजार रहता है। ऐसा नहीं है कि इन अस्पतालों के संचालन के बारे में विभाग को जानकारी नहीं है।
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शहर क्षेत्र में गाजीपुर तिराहा से लेकर मिर्जाहादीपुरा तक और बलिया मोड़ से लेकर ब्रह्मस्थान तक अवैध अस्पतालों की भरमार है। पिछले दिनों जांच के दौरान विभाग द्वारा शिकायत पर छह अस्पतालों को सील किया गया था। लगातार हो रही मौत के बाद इन फर्जी अस्पतालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं। उधर, विभाग का दावा है कि अवैध रूप से संचालित अस्पतालों की जांच के लिए सीएचसी प्रभारी के साथ सीएमओ कार्यालय से भी टीम गठित है, जो नियमित रूप से जांच करती है, लेकिन सच यह है कि एक तरफ अवैध अस्पताल के सील होने के तुरंत बाद दूसरा अस्पताल खुल जाता है। पिछले कई माह के आंकड़ाें पर गौर करे तो जनपद के अनेक क्षेत्रों से इन अस्पतालों में गरीब वर्ग के परिवार के कई बच्चे अनाथ हो गए हैं।
इन अस्पतालों पर बंद मिलता है ताला
मऊ। इन अस्पतालों में जब भी कोई घटना होती है, परिजन के शिकायत के बाद जब भी संबंधित सीएचसी या जिले से कोई अधिकारी जाता है, तो ऐसे अस्पतालों पर ताला बंद मिलता है। आश्चर्यजनक यह है कि पीड़ित की शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा महज दर्शक की भूमिका निभा कर चली आती है।
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केस नंबर एक बीते दिनों मधुबन के कटघरा के फर्जी अस्पताल में एक महिला की उपचार के दौरान मौत होने पर चिकित्सक ताला बंद कर फरार हो गया।
केस नंबर दो- शहर के एक अस्पताल में जच्चा और बच्चा की मौत के बाद शिकायत के दौरान अस्पताल अवैध रूप से संचालित पाया गया।


केस नंबर तीन- नगर के ही मिर्जाहादीपुरा के एक अस्पताल में एक महिला मरीज का शरीर में खून नहीं होने पर ऑपरेशन कर दिया गया, हालत गंभीर होने पर रेफर करने के दौरान उसकी मौत हो गई।
केस नंबर चार- मझवारा में एक महिला का फर्जी अस्पताल में आपरेशन के बाद मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद फर्जी चिकित्सक अस्पताल पर ताला बंद कर फरार हो गया।
केस नंबर पांच- हलधरपुर थाना क्षेत्र के नसीराबाद कला चट्ठी पर बीते सोमवार की शाम को दिशा क्लीनिक में ग्राम पंचायत निवासी आशुतोष राजभर की पत्नी तारा देवी (34) को डॉक्टर ने महिला को इंजेक्शन लगाया, इंजेक्शन लगते ही उसकी हालत खराब हो गई। परिजन उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिकायत पर सीएचसी अधीक्षक डॉ रामबदन राजभर जब नसीराबाद कला चट्टी पर पहुंचे तो चिकित्सक फरार था।
अभी शिकायत मिलने पर छह अस्पतालों की जांच की गई है, तीन का संचालन अवैध रूप से मिला। सभी को सील कर दिया गया। विभाग द्वारा अस्पतालों की नियमित जांच होती है।
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- डाॅ. आरएन सिंह, नोडल
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