संदिग्ध हाल में बेला कसैला गांव स्थित पोखरी पर मिले युवक के शव के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज करने में हीलाहवाली कर रही दोहरीघाट पुलिस के विरुद्घ शुक्रवार को ग्रामीण सड़क पर उतर गए। थाने के सामने जाम लगा दिया। करीब दो घंटे चले जाम का परिणाम रहा कि पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। जाम लगने से वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर वाहनों की कतारें लग गई थी।
दोहरीघाट थाना क्षेत्र के बेला कसैला गांव निवासी विजय राजभर पुत्र सागर राजभर का शव बीते आठ अगस्त को गांव के बाहर स्थित एक पोखरे में मिला था। शव मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मौका मुआयना करने के बाद कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। इस संबंध में मृतक की मां लालमुनी ने थाने में संदिग्ध परिस्थितियों में पुत्र के गायब होने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। लेकिन शव मिलने के बाद परिजन उसके हत्या की आशंका जताने लगे।
परिजनों का कहना है कि विजय की पत्नी अंजनी से उसका विवाद चलता है और मामला न्यायालय में लंबित भी है। घटना के दो दिन पूर्व उसकी बहू अपने किसी परिचित के साथ घर आई थी और मामले में सुलह-समझौते के लिए पति के साथ लिवाकर गई थी। देर रात तक भी विजय का जब कोई सुराग नहीं लगा तो परिवार के सदस्य परेशान हो उठे। आठ अगस्त को शव मिलने के बाद परिजनों ने उसकी पत्नी सहित अन्य चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था।
बावजूद इसके पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे क्षुब्ध ग्रामीण शुक्रवार को थाने पर जा पहुंचे और मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। चक्का जाम एक बजे से लगभग तीन बजे तक चला। पुलिस ने इस मामले में मृतक की मां लालमुनि की तहरीर पर श्रवण राजभर पुत्र बद्री निवासी मदीना घोसी, मृतक की पत्नी अंजनी पुत्र चंद्रदेव, शिवकुमारी पत्नी वीरेंद्र राजभर, वीरेंद्र राजभर सहित एक अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा दर्ज होने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ। चक्का जाम तीन बजे तक चला जो थानाध्यक्ष द्वारा मुकदमा दर्ज करने पर ही समाप्त हुआ।