मऊ। फर्जी पता से लिए गए असलहे में की गई पैरवी के मामले में आरोपी बने विधायक मुख्तार अंसारी की पेशी सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बांदा जेल से हुई। इस दौरान मुख्तार अंसारी ने जेएम/रिमांड मजिस्ट्रेट वकील से फिजियोथैरेपी कराने और टीवी उपलब्ध कराने की मांग की। उनके अधिवक्ता दारोगा सिंह ने प्रार्थना पत्र दिया कि कोविड-19 वायरस के प्रकोप मे आने के कारण बंदी मुख्तार अंसारी इन दिनों काफी कमजोर महसूस कर रहे हैं। ऐसी स्थिति मे मुख्तार अंसारी का समुचित इलाज कराने के लिए सिटी स्कैन, एमआरआई, लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर और सिटी एन्गो टेस्ट कराए जाने और टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर समुचित सुविधा उपलब्ध कराए जाने तथा रेगुलर फिजियोथैरेपी कराने का आदेश कोर्ट दें।
उधर गैगेस्टर एक्ट के मामलों को एमपी/एमएलए कोर्ट मे स्थानांतरित किए जाने और जेल मे मुख्तार अंसारी को सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले मे सुनवाई के लिए प्रभारी विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट शहिब जेहरा ने सुनवाई के लिए मंगलवार की तिथि नियत कर दिया। जबकि अभियोजन अधिकारी ने कहा कि मामला विशेष न्यायालय एमपी एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित किया जाए, ताकि विचारण शुरु हो सके। जेएम/ रिमांड मजिस्ट्रेट वकील ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद जेल अधीक्षक बांदा को प्रार्थना पत्र का संदर्भ ग्रहण करने का आदेश देते उसकी आख्या कोर्ट मे भेजे जाने का आदेश दिया। साथ ही मुख्तार अंसारी का न्यायिक अभिरक्षा का रिमांड स्वीकृत करते हुए सुनवाई के लिए सात जून की तिथि नियत किया। मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है।