जबकि अभियोजन अधिकारी ने कहा कि मामला विशेष न्यायालय एमपी एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित किया जाए, ताकि विचारण शुरु हो सके। जेएम/ रिमांड मजिस्ट्रेट वकील ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद जेल अधीक्षक बांदा को प्रार्थना पत्र का संदर्भ ग्रहण करने का आदेश देते उसकी आख्या कोर्ट मे भेजे जाने का आदेश दिया। साथ ही मुख्तार अंसारी का न्यायिक अभिरक्षा का रिमांड स्वीकृत करते हुए सुनवाई के लिए सात जून की तिथि नियत किया। मामला मऊ जिले के दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला निहार नंदन कुमार की तहरीर पर 5 जनवरी 2020 को आयुध अधिनियम और जालसाजी के मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि मुख्तार अंसारी ने जिन लोगों के असलहा लाइसेंस के लिए जिलाधिकारी को अपने लेटर पैड पर पत्र लिखकर असलहा लाइसेंस जारी करने की सिफारिश की थी।
इस पत्र के आधार पर जिलाधिकारी ने उन लोगों का लाइसेंस जारी किया था। बाद में जांच के बाद जिन लोगों के नाम असलहा लाइसेंस जारी किया गया था उनका नाम पता फर्जी पाया गया। इस खुलासे के बाद मुख्तार सहित सात लोगों के विरुद्ध दक्षिणटोला थाना में रिपोर्ट दर्ज हुई। पुलिस ने विवेचना के बाद मुख्तार सहित सभी के विरुद्ध आरोप पत्र सीजेएम कोर्ट मे पेश किया। इसी मामले में सोमवार को बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई।