मऊ। जिले में बढ़ते सड़क हादसों पर लगाम लगाने को लेकर जल्द ही जिले में चारों तहसील में मोटर व्हीकल निरीक्षकों की तैनाती होगी। साथ ही तहसील स्तर पर अस्सिटेंट मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर का पद भी सृजित करने का निर्णय लिया गया है। इसकी जानकारी शनिवार को प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने दी। बताया कि इसको लेकर कवायद शुरू हो चुकी है, जल्द ही इसका सकारात्मक परिणाम भी जिले में दिखेगा। उधर इस साल के शुरुआती छह माह में बीते साल के तुलना में करीब 25 फीसदी अधिक सड़क हादसे हुए हैं।
दयाशंकर सिंह ने बताया कि हादसों को रोकने के लिए प्रयास तो बहुत किए जा रहे हैं, लेकिन हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसको लेकर अब सीएम ने परिवहन विभाग को हर जिले में एक एआरटीओ रोड सेफ्टी तैनात करने का आदेश किया है। अब एक एआरटीओ प्रशासन और एआरटीओ प्रवर्तन के अलावा एक एआरटीओ रोड सेफ्टी भी तैनात रहेगा। इसका काम हादसों को रोकने के लिए प्लान बनाना, उनकी मॉनिटरिंग करना और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करना होगा। इसको लेकर जिले में एआरटीओ सड़क सुरक्षा और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) तैनात होंगे।
जिले में सदर तहसील क्षेत्र में तो एआरटीओ कार्यालय है, लेकिन अब इस नई कवायद के तहत मधुबन, घोसी, मुहम्मदाबाद गोहना में एक एआरटीओ के साथ तहसील स्तर पर मोटर वाहन निरीक्षक तैनात होंगे। विभागीय सूत्रों की माने तो वर्तमान में जो उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग में कार्यरत आरआई हैं उन्हें मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर का पद दिया जाएगा। इन मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर की रैंकिंग टू स्टार दरोगा की होगी। इन्हें बाइक के साथ ही एक सुरक्षाकर्मी भी उपलब्ध कराया जाएगा। तहसीलों पर इनकी तैनाती से सड़क पर चल रहे वाहनों की जांच हो सकेगी। वाहनों की तकनीकी जांच कर सकेंगे अनफिट वाहनों पर कार्रवाई कर सकेंगे।
बीते वर्ष के तुलना में बढ़ गया छह माह में सड़क हादसे का ग्राॅफ
मऊ। एआरटीओ सुहेल अहमद ने बताया कि 2024 जून में में सड़क हादसों का ग्राॅफ 32 था जबकि मृतकों का आंकड़ा 15 था। वहीं जून 2025 में हादसों का आंकड़ा 28 है जबकि मृतकों का आंकड़ा 10 है। बताया कि वहीं जनवरी से जून 2024 तक हादसों का आंकड़ा देखे तो 167 हादसे हुए थे इसमें मृतकों की संख्या 102 रही।जबकि घायलों में 100 रही। वहीं 2025 जनवरी से जून तक हादसों का आंकड़ा 201 रहा, मौत का आंकड़ा भी 102 रहा, जबकि घायल 117 रही। यह स्थिति उस समय है जब हर साल यातायात विभाग और परिवहन विभाग की ओर से हादसों में कमी लाने के लिए हर साल बड़े स्तर पर अभियान चलाए जाते हैं। लोगों के जन जागकरुता लाने के साथ-साथ सख्ती कर भी यातायात नियमों का पालन कराया जाता है।