मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार ने गैर इरादतन हत्या में मां-बेटी और दो पुत्रों को सुनवाई के बाद दोषी पाया। जिला जज ने अपने आदेश मे लिखा कि घटना एक ही परिवार के दो शाखाओं के बीच घटित हुई, जिसमें परिवार के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति जो वादी पक्ष के साथ रहते थे, उन्हें प्राण घातक चोटें पहुंचाई गई।
मृतक अपनी सारी संपत्ति वादी पक्ष को विक्रय कर दिया था, भेदभाव के कारण ही रंजिश थी। सामान्य आशय से ऐसी क्षति पहुंचाई की गई, जो निश्चित तौर पर एक गंभीर अपराध किया गया है। जिला जज ने सभी दोषियों को सात-सात वर्ष की सजा के साथ ही 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा हो जाने पर 75 प्रतिशत धनराशि मृतक के परिवार के सदस्यों को देने का आदेश दिया। मामला कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार जोगरी गांव निवासी वसीम पुत्र बनारसी उर्फ लुकमान की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें गांव के ही रईसुन्निशा पत्नी मन्नान, हैदर और कौशर पुत्रगण मन्नान और रोवीना पुत्री मन्नान को नामजद किया गया था। वादी का कहना था कि 12 सितंबर 2011 की रात्रि में 7:45 बजे उसकी बड़ी मां रईसुन्निशा, हैदर, कौशर और रोवीना के साथ बत्तख ढूूढ़ते उसके घर पर आए।
इस दौरान गाली गुप्ता देते हुए लाठी-डंडा, लात मुक्का से वादी और मरियम खातून, जैनम खातून, सादिया और वलीजान को मारपीट कर गंभीर चोटेंं पहुचाए। इलाज के दौरान वलीजान की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर नामजद आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैैैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने 7 गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण रईसुन्निशा, हैदर, कौशर और रोवीना को गैर इरादतन हत्या, मारपीट का दोषी पाया।
वहीं रईसुन्निशा को गाली देने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को गैरइरादतन हत्या के मामले में सात-सात वर्ष की सजा के साथ ही 15 -15 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
दंपती पर तेजाब फेंकने के दोषी को 4 वर्ष की सजा
मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने 36 वर्ष पूर्व दंपती पर तेजाब फेंककर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में दो आरोपियों में सुनवाई के बाद एक को दोषी पाया। दोषी को 4 वर्ष कारावास की सजा के साथ ही 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया। एक आरोपी की मौत होने के चलते मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार लखनौर गांव निवासी पारस गुप्ता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें गांव के राम प्रकाश और रुदल को आरोपी बनाया। वादी का कहना था कि 21 मार्च 1988 की रात में आरोपियों ने उसे और उसकी पत्नी बच्ची देवी पर तेजाब फेंक दिए। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी राम प्रकाश को तेजाब फेंककर गंभीर चोट पहुंचाने में दोषी पाया। जिसे 4 वर्ष कठोर कारावास की सजा के साथ 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपी रुदल की दौरान विचरण मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।