ये है मामला
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के मझौआ ताजोपुर निवासी गुड़िया (35) पत्नी मनोज अपने पुत्री गरिमा (16) पुत्री मनोज और मोहम्मदाबाद गोहना कोतवाली के वलीदपुर भीरा निवासी भांजी मंजू (18) के साथ शनिवार की शाम को बढुआ गोदाम बाजार पैदल जा रही थी।
अपने गांव से निकलकर फोरलेन पर पहुंची थी कि गोरखपुर की तरफ से आ रही सफारी गाड़ी अनियंत्रित होकर तीनों को बुरी तरह रौंद दिया। घटनास्थल पर ही गुड़िया और गरिमा की मौत हो गई। वहीं मंजू के सिर में चोट लगने से वह बुरी तरह घायल हो गई।
रविवार को हादसे के बाद गुड़िया और गरिमा का शव मिलने के बाद परिजनों ने ताजोपुर सड़क मार्ग पर शवों को रखकर जाम लगा दिया। यहां मृतका गुड़िया के पति मनोज ने आरोप लगाया कि हादसे से पहले कार में सवार लोगों ने गुड़िया, गरिमा, मंजू से अभद्रता करने की कोशिश की थी, जब तीनों ने विरोध किया तो घटना को अंजाम दे दिया।
आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने एक लोग को हिरासत में लिया, जो कि वृद्ध है। उसे ही चालक बताया जा रहा है, जबकि शक है कि आरोपी चालक कोई अन्य है। वहीं कार में अन्य लोग भी सवार थे।
इस मामले में एसओ सरायलंखसी प्रवीण सिंह का कहना है कि आरोप निराधर है, पुलिस ने चालक और वाहन स्वामी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
भांजी को कपड़ा दिलवाने जा रही थी गुड़िया
गुड़िया अपनी बेटी गरिमा के साथ बीते 27 जून को आई भांजी मंजू को स्कूल खुलने के बाद उसकी विदाई से पूर्व उसे कपड़ा दिलवाने के लिए शनिवार की शाम बढुआगोदाम बाजार के लिए पैदल सड़क किनारे से जा रही थी।
हादसे के बाद घायल मंजू ने बातचीत में बताया कि वह और उसकी ममेरी बहन और मामी बाजार जा रहे थे, लेकिन अचानक एक गाड़ी आई और हमें कुचल दिया। इसके बाद से उसे कुछ भी याद नहीं हैं। उधर घटना से मझौआ ताजोपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतका गुड़िया की बची दोनों पुत्री, पुत्र का रो रोकर बुरा हाल है।