मधुबन तहसील क्षेत्र के नेवादा गोपालपुर गांव के नेवादा मोड़ पर सोमवार शाम आई आंधी में बिजली के तीन खंभे गिर गए। इससे 50 से अधिक घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। 30 घंटे बीतने के बाद भी मंगलवार रात तक मरम्मत न होने से ग्रामीण पेयजल के लिए तरस रहे हैं।
गनीमत यह रही कि आंधी से पहले ही मोलनापुर विद्युत उपकेंद्र से आपूर्ति काट दी गई थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
गांव निवासी प्रमोद कुमार, मनोज कुमार, मनीष गोंड़, लाल बहादुर, गौतम, राम कठिन यादव और चंद्रभान यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि आंधी से पहले नीम का पेड़ एलटी लाइन के तार पर गिर गया था। इसके बाद तार झुकने से लगभग 300 मीटर दूरी पर तीन खंभे उखड़कर गिर गए।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अधिकांश इंडिया मार्का हैंडपंपों में लोगों ने सबमर्सिबल मोटर लगा लिए हैं। जो हैंडपंप चालू हैं, उन पर भी कुछ लोगों ने व्यक्तिगत अधिकार जमा रखा है। बिजली न होने से पीने और नहाने के लिए पानी की भारी समस्या हो गई है। मोबाइल चार्ज न हो पाने से संपर्क व्यवस्था भी ठप हो गई है।
ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर सूचना दी, लेकिन अब तक कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। मोलनापुर विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता सुधीर कुमार ने बताया कि नए खंभे के लिए पत्र भेजकर अवगत कराया गया है। मंगलवार को खंभे उपलब्ध नहीं हो सका। बुधवार तक बिजली आपूर्ति बहाल होने की संभावना है।