ज्येष्ठ मास के पहले मंगलवार को नगर के बालनिकेतन स्थित श्री हनुमानगढ़ी मंदिर में सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने सुंदरकांड के साथ श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया।
सुंदरकांड के दौरान समिति के प्रमुख रामगोपाल गुप्ता ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मंगल को जन्मे हनुमान जीवन मंगलमय ही करते हैं। उन्होंने बताया कि त्रेता युग में श्रीराम और श्रीहनुमान का प्रथम मिलन ज्येष्ठ मास के मंगलवार को हुआ था। साथ ही भीम के अहंकार को श्रीहनुमान ने वृद्ध वानर का रूप धारण कर इसी दिन तोड़ा था।
इस अवसर पर डॉ. गुप्ता ने बताया कि अत्यंत दुर्लभ संयोग सैकड़ों वर्षों बाद आया है, जब ज्येष्ठ मास और पुरुषोत्तम मास में एक साथ आठ मंगलवार पड़ रहे हैं, जो जप-तप और सुमिरन के लिए विशेष फलदायी हैं।
समिति के प्रमुख जयकृष्ण उपाध्याय ने कहा कि श्रीहनुमान जी की कृपा से मनुष्य के जीवन के रोग, दोष और संकट दूर होते हैं तथा शनि दोष का भी शमन होता है।
समिति के बब्बन सिंह, आनंद गुप्ता, अजय मिश्र, संजय सर्राफ ने संगीतमय सुंदरकांड एवं श्री हनुमान चालीसा का विभिन्न स्वरों में पाठ किया। अंत में अखिलेश यादव ने भजन प्रस्तुत किया। आरती के बाद भोग-प्रसाद का वितरण किया गया। दिनेश बरनवाल, वीरेंद्र गुप्ता, राजेश छतेजा, तरुण सिंह, ओम प्रकाश निषाद, चुन्नीलाल, मनोज गुप्ता आदि रहे।