आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी में सेंटर आफ एक्सीलेंस योजना तहत 50 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन एवं बागवानी नर्सरी की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. जितेंद्र कुशवाहा ने प्रशिक्षणार्थियों को बागवानी नर्सरी से जुडे विभिन्न विषय जैसे मदर प्लांट का चुनाव, नर्सरी की जगह का चुनाव, कटिंग, लेयरिंग और ग्राफ्टिंग की विधियों के बारे में विस्तार से बताया।
डॉक्टर कुशवाहा ने बताया कि हमें मदर प्लांट सरकारी नर्सरी से ही लेना चाहिए और मदर प्लांट का रख रखाव सही तरीके से करना चाहिए। उसका पूरा रिकॉर्ड रखना चाहिए जैसे पौधे की रोपाई कब की गई, पौधा कहां से लाया गया, उसमें कब-कब खाद का इस्तेमाल किया गया, कब उसकी छटाई की गई। ताकि आगे चलकर नर्सरी का रजिस्ट्रेशन कराने में सुविधा हो सके। डाॅ. अंगद ने बताया कि नर्सरी की जगह का चुनाव करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वह जगह आसानी से लोगों की पहुंच में हो, आने-जाने का रास्ता सही हो, आसपास पानी की भी व्यवस्था और वहां की मिट्टी की गुणवत्ता भी अच्छी हो।