नेमडांड़ में साढ़े तीन घंटे शुरु हो सका मतदान
मतदाताओं ने किया विरोध, पुलिस ने समझाबुझाकर कराया शांत
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। पंचायत चुनावों में कई बूथों पर मतपत्रों में प्रत्याशियों की संख्या के अनुसार चुनाव चिह्नों वाले मतपत्र नहीं पहुंच सके। इसे लेकर मतदान बाधित हुआ। लोगों ने शोर शराबा करते हुए विरोध जताया। अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था करके मतपत्र भेजवाया लेकिन इस प्रयास में घंटों तक मतदान प्रभावित रहा।
मुहम्मदबाद गोहना ब्लॉक के बारा ग्राम पंचायत के बूथ संख्या 212 पर ग्राम पंचायत सदस्य के लिए कुल 278 मतपत्रों की जगह मात्र 80 मत पत्र भेजे गए थे। शिकायत के बाद 12 बजे और मतपत्रों को बूथ पर भेजा गया।सुरहुरपुर गॉव स्थित बूथ संख्या 59 पर क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए चुनाव लड़ रहे कुल 5 उम्मीदवारों के लिए 5 चुनाव चिन्ह वाले मतपत्र की जगह केवल 4 चुनाव चिन्ह वाले मतपत्र दिए गए थे। जिसको लेकर काफी हो हल्ला हुआ, बाद में पांच निशान वाले मत पत्र भेजकर मतदान शुरू कराया गया । शमशाबाद गांव स्थित कन्या पाठशाला के बूथ संख्या 183 और बूथ संख्या 184 में चुनाव लड़ रहे क्षेत्र पंचायत सदस्य के मत पत्रों को बदल दिया गया था। यहां पांच चुनाव चिन्ह वाले मत पत्रों की जगह तीन निशान वाले मत पत्र दिए गए थे। जबकि तीन चुनाव चिह्न वाले मतपत्र के स्थान पर पांच चुनाव चिन्ह वाले मतपत्र भेज दिए गए थे। प्रत्याशियों ने विरोध करते हुए कुछ देर के लिए मतदान बन्द करा दिया।
क्षेत्र के मालव गांव स्थित 135 नंबर बूथ पर सुबह जब मतदान शुरू हुआ तो वहां का पीठासीन अधिकारी ही गायब मिला। बाद में जानकारी होने पर ब्लॉक से दूसरे पीठासीन अधिकारी को भेजकर चुनाव शुरू कराया गया।
करहां गॉव में फर्जी वोटिंग को लेकर ग्राम प्रधान के दो प्रत्याशीयो के समर्थक आपस में भिड़ गए। जिससे कुछ देर तक अफरा तफरी व हंगामा हुआ।
ब्लॉक के भोपतपुर गांव स्थित बूथ संख्या 215 पर जिला पंचायत सदस्य के लिए 10 चुनाव चिन्ह वाले मतपत्र में 100 मत पत्र 9 चुनाव चिन्ह का आवंटित हो गया था। चुनाव शुरू होने के बाद पीठासीन अधिकारी द्वारा एक गड्डी के 100 मत पत्रो में केवल 9 चुनाव चिन्ह की शिकायत की गई। बाद में वहां 10 चुनाव चिन्ह वाले मत पत्र भेजा गया।
दुबारी संवाद न्यूज के अनुसार प्राथमिक विद्यालय और कन्या जूनियर विद्यालय दुबारी में वार्ड नंबर 8 और 9 में बैलेटपेपर के अभाव में वोट बाधित और मतदाता परिवर्धन सूची भी नहीं सम्मिलित की गई।
कोपागंज संवाद न्यूज के अनुसार कोपागंज के सहरोज में क्षेत्र पंचायत सदस्य के पर्चे को लेकर वार्ड नं 7 ,8 में मतदाताओं में भ्रम होने से मतदान कर्मियों से कहासुनी हो गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर जेपी यादव ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर भ्रम दूर करते हुए मामले को शांत कराया।
घोसी संवाद न्यूज के अनुसार बड़राव ब्लाक के मखदुमपुर गांव में बूथ संख्या 241 में जिला पंचायत क्षेत्र गोधना के जिला पंचायत सदस्य के 25 प्रत्याशियों की जगह मात्र 14 ही प्रत्याशियों के चुनाव चिन्ह वाले वैलेट पेपर भेजे गए थे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश पाण्डेय ने विरोध जताया तब जाकर 25 प्रत्याशियों का वैलेट पेपर मंगा कर नये सिरे से मतदान शुरू कराया गया। वहीं इसी क्षेत्र के धरौली में भी यही हाल रहा ।इन दोनों जगहों पर गलत चुनाव चिह्नों वाले मतपत्रों का पता चलने पर कुछ देर बाद नये सिरे से मतदान की प्रक्रिया की गयी।
फतेहपुर मण्डाव संवाददाता के अनुसार मधुबन तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नेमडांड़ में हो रहे मतदान में बूथ संख्या 30,31,32 पर क्षेत्र पंचायत चुनाव प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह बदल गया। इससे मतदान साढे तीन घंटे तक बाधित हो गया। मतदान रुकने से मतदाताओं में आक्रोश फैल गया। मतदाताओं ने विरोध करते हुए अन्य बूथों का मतदान रोकने की मांग करना शुरु कर दिया। थानाध्यक्ष के आश्वासन पर आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए। मतपत्र की व्यवस्था करके लगभग साढ़े तीन घंटे विलंब से मतदान शुरु कराया गया। बूथ पर बीडीसी प्रत्याशी बंदना चौबे को चुनाव निशान कुआं आवंटित किया गया है। मतपत्र पर उसकी जगह पर गिलास आ गया। जब प्रत्याशी को इसका पता चला तो उन्होंने आपत्ति किया। पीठासीन अधिकारी सेक्टर मजिस्ट्रेट को फोन कर इसकी जानकारी दी।संशोधित मतपत्र आने में हो रही देरी से प्रत्याशी और उनके समर्थक नाराज हो गए। ग्रामीणों ने लेट होते देख बाकी अन्य बूथोंपर मतदान बन्द करने की मांग करते हुए विरोध करना शुरु कर दिया। सूचना पाकर थानाध्यक्ष राजकेशर सिं मौके पर पहुंचे, उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जब तक सभी 436 मतदाताओं का वोट पोल नहीं हो जाएगा तब तक मतदान चलेगा। तब जाकर आक्रोशित लोग शांत हुए। संशोधित मतपत्र की व्यवस्था करके साढ़े तीन घंटे देरी से साढ़े दस बजे से मतदान शुरू हो सका। इस बारे में सेक्टर मजिस्ट्रेट अतुल पांडेय का कहना था कि उस चुनाव निशान वाला मतपत्र भूलवश बदल गया था। अब व्यवस्था करके मतदान शुरु कराया गया है।