मधुबन में सूफी संत की मजार पर लगे मेले में जुटी भीड़
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कस्बा स्थित सूफी संत मीराशाह के आस्ताने पर जाइरीन का मजमा जुटा। पांचवें उर्स अकीदतमंदों ने आस्ताने पर हाजिरी लगाई। चादर चढ़ाई और मन्नतें मांगी। वहीं परिसर में लगे मेले का लुत्फ भी उठाया। लोगों ने मेले में बिकने वाले पके कटहल की खूब खरीदारी की। बच्चों ने चर्खी, झूला आदि का आनंद लिया। मेले में लोग कोल्हुवा देव को दूध चढ़ाना नही भूले।
मुगल शासन काल के समय सूफी संत मीरा शाह दरगाह में आए थे और काफी दिनों तक लोगों की सेवा करने के बाद उन्होंने अपने शरीर का त्याग किया था। जिसके बाद वहीं उनका मजार बना दिया गया। उनकी ख्याति दूर-दूर तक क्षेत्रो में थी। बताते है कि मीरा शाह सावन मास में गंगा एकादस के बाद लगातार सात गुरुवार तक एक पैर पर खड़ा होकर साधना की थी तबसे यहां प्रत्येक वर्ष लगातार सात गुरुवार को जायरीन आते हैं। मजार पर चादरपोशी करके मन्नतें मांगते हुए मेले का आनंद उठाया।
मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात थे। पुलिस के जवान मेले का चक्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। इस मेले में कटहल की बिक्री का कोई जवाब नहीं है। अकीदतमंद प्रसाद के रूप में पके कटहल की खरीदारी जमकर किए। वहीं मेले गए बच्चों ने सर्कस तथा चरखी पर चढ़कर अपना मनोरंजन किया। इस अवसर पर सैयद सबी अहमद, लियाकत अली, आशुतोष सिंह बिट्टू, अशफाक, अनवारूल हक, फैयाज अहमद, शमशाद, सुकुरूल्लाह साई, राजेश आदि उपस्थित रहे।