जांच के बाद मीरा चौहान (28) हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने रविवार की रात पति अखिलेश चौहान और सास कौशिल्या देवी को बिजपूरा खदरा स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।
उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
बीते 30 अप्रैल की शाम चार बजे बीजपुरा खदरा निवासी मीरा चौहान का शव बगल के गांव सरहरा जमीन सरहरा स्थित खेत में मिला था। इससे 24 घंटे पहले वह प्रेमी देवर के साथ शादी की जिद लेकर कोतवाली पहुंची थी। मीरा ने अखिलेश से भी प्रेम विवाह किया था, जिससे उसे एक तीन वर्षीय बेटा और चार वर्षीय बेटी हैं।
सास कौशिल्या देवी ने प्रेम प्रसंग में हत्या का आरोप लगाते हुए प्रेमी देवर सूरज चौहान, उसके पिता मरछू और मां तारा देवी के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौंपी थी। इस आधार पर पुलिस ने बीते छह मई को प्राथमिकी दर्ज की थी।
विवेचना के दौरान घोसी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र सिंह ने पाया कि 29 अप्रैल की रात मीरा अपने प्रेमी सूरज के साथ चली गई थी। मरछू ने बेटे और मीरा को समझाया था, जिसके बाद मीरा अपने दो बच्चों के साथ घर लौट गई थी।
जांच में सामने आया कि तहरीर देने वाली सास कौशिल्या देवी और पति अखिलेश ने मीरा को डंडे, लात और घूंसों से पीटा था। मारपीट के बाद उसे घर से भगा दिया गया था। उन्हीं चोटों के कारण उसकी मौत हो गई थी।
विवेचना के दौरान पति और सास का नाम प्रकाश में आने पर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गलत नामजदगी पाए जाने पर मरछू और उनकी पत्नी तारा का नाम मुकदमे से निकाल दिया गया है।
-प्रमेंद्र सिंह, प्रभारी निरीक्षक, घोसी कोतवाली